धनबाद(DHANBAD) : झारखंड के गढ़वा के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में दूषित पानी और दूषित भोजन से छात्राओं के बीमार होने के बाद पूरे झारखंड में हड़कंप है. सरकार ने भी इस मामले को बड़ी गंभीरता से लिया है. सरकार के निर्देश के बाद धनबाद जिला प्रशासन भी सक्रिय हो गया है. आवासीय विद्यालयों में विशेष जांच अभियान चलाया गया. उपायुक्त के निर्देश पर सोमवार को विभिन्न कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय तथा झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय का निरीक्षण किया गया. इस दौरान विद्यालय परिसर, वर्ग कक्ष की साफ सफाई विशेष कर रसोई घर, भंडार कक्ष एवं रसोइयों का व्यक्तिगत साफ सफाई का अवलोकन किया गया. इस संबंध में आवश्यक सलाह भी दी गई. भोजन पकाने एवं बच्चों को भोजन परोसने तक साफ सफाई पर विशेष ध्यान देने को भी कहा गया है. साथ ही सभी सभी पैक्ड सामानों की पैकिंग एवं एक्सपायरी डेट की विशेष रूप से ध्यान रखने का सुझाव दिया गया.
शुरू हो गई है जमीनी स्तर पर जाँच
पेयजल की शुद्धता और वाटर टेस्टिंग: उपायुक्त ने निर्देश दिया है कि सभी आवासीय विद्यालयों के चापाकल, जल मीनार और आरओ (RO) सिस्टम की तुरंत सफाई कराई जाए। पेयजल स्रोतों की नियमित ब्लीचिंग करने तथा पानी के सैंपल की लैब टेस्टिंग कराने के निर्देश दिए गए हैं ताकि दूषित जल की संभावना को पूरी तरह खत्म किया जा सके. स्टॉक रूम एवं खाद्य सामग्री का भौतिक सत्यापन: निरीक्षण टीमों ने स्टोर रूम में रखे चावल, दाल, तेल, मसाले और अन्य खाद्य सामग्रियों के एक्सपायरी डेट और गुणवत्ता की जांच की. उपायुक्त ने स्पष्ट किया है कि सड़ी-गली या घटिया स्तर की सामग्री पाए जाने पर संबंधित वेंडर और विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ सीधे कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
सभी मानकों का किया गया है इंस्पेक्शन
रसोईघर (किचन) में स्वच्छता मानक: भोजन पकाने के स्थान पर ड्रेनेज, साफ-सफाई और बर्तनों की स्वच्छता का जायजा लिया गया.रसोइयों को अनिवार्य रूप से साफ कपड़े और हेडकैप पहनने तथा खाना ढककर रखने की हिदायत दी गई।मेन्यू के अनुसार ताजा और गर्म भोजन: सभी वार्डन को निर्देशित किया गया है कि छात्राओं को मीनू के अनुरूप ही पौष्टिक और ताजा भोजन दिया जाए. किसी भी परिस्थिति में बासी भोजन परोसने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा.उपायुक्त ने कहा कि आवासीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के स्वास्थ्य और जीवन के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. गढ़वा की घटना से सीख लेते हुए धनबाद जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है. सभी संबंधित अधिकारियों को नियमित रूप से औचक निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है. यदि किसी भी संस्थान में भोजन या पानी की गुणवत्ता में कमी पाई गई, तो जिम्मेवार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

