धनबाद (DHANBAD): आप भरोसा करें अथवा ना करें, लेकिन यह सच्चाई है कि धनबाद में प्रिंटेड जाली लॉटरी टिकट झारखंड के विभिन्न इलाकों में तो बिक ही रही थी, यह बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भी भेजी जा रही थी. मतलब बहुत बड़ा नेटवर्क इसमें काम कर रहा था और टिकट छापने का छापाखाना झारखंड-बंगाल के बॉर्डर पर चल रहा था. किसी को भनक तक नहीं थी. आखिर भनक लगाती भी कैसे? बीसीसीएल के एक परित्यक्त, टूटे-फूटे, खंडहर नुमा "भूत बंगला" से लॉटरी टिकट का छापाखाना चल रहा था.
प्रतिद्वंदी गैंग से खुनस के बाद हुआ खुलासा
यह छापाखाना अभी और कुछ दिन चलता, लेकिन समानांतर गैंग से विवाद ने इसकी सूचना पुलिस तक पहुंचा दी. सूत्र बता रहे हैं कि प्रतिद्वंदी गैंग अथवा सिंडिकेट से विवाद की वजह से यह सूचना पुलिस तक पहुंची अन्यथा सिंडिकेट ने फुलप्रूफ व्यवस्था कर रखी थी. पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है. लेकिन कई भागने में सफल रहे. गैंग के मास्टरमाइंड कई मामलों में आरोपी रह चुके है. एक आरोपी का नाम प्रकाश सिंह और दूसरे का नाम जय सिंह बताया गया है. सूत्र दावा कर रहे हैं कि प्रकाश सिंह के खिलाफ झारखंड से बाहर के थानों में भी मुकदमे दर्ज हैं.
पुलिस पांच लोगो को आरोपी बनाकर कर रही जाँच
यह सब चल रहा था चिरकुंडा थाना क्षेत्र के बाबू डंगाल स्थित बीसीसीएल के आवास में. इस मामले में पुलिस ने 5 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है. कालू बथान के स्वरूप मलिक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. उसने सिंडिकेट के कई गांठ को खोल कर रख दिया है. पुलिस ने मौके से लगभग डेढ़ करोड़ रुपए मूल्य के अवैध लॉटरी टिकट, एक बुलेट मोटरसाइकिल, दो प्रिंटर, दो बड़े जेरॉक्स मशीन, नौ पेपर स्टेपलर मशीन, तीन पेपर कटिंग मशीन, बैटरी, इनवर्टर, स्टेबलाइजर समेत बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए है. पुलिस ने इस मामले में प्रकाश सिंह, भानु प्रताप सिंह, जय सिंह, ननकू, स्वरूप मल्लिक के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है.

