दामोदर नदी पर ओबी डंपिंग का खतरा! 30 मीटर के नियम के बीच कैसे खड़े हुए 70 मीटर के पहाड़? BCCL पर शिकंजा कसने की तैयारी

कोयलांचल में 70 मीटर के पहाड़ अब केवल पब्लिक ही नहीं, बल्कि मैनेजमेंट के लिए भी परेशानी बन गए हैं.

दामोदर नदी पर ओबी डंपिंग का खतरा! 30 मीटर के नियम के बीच कैसे खड़े हुए 70 मीटर के पहाड़? BCCL पर शिकंजा कसने की तैयारी

धनबाद(DHANBAD): कोयलांचल में 70 मीटर के पहाड़ अब केवल पब्लिक ही नहीं, बल्कि मैनेजमेंट के लिए भी परेशानी बन गए हैं.  नियम को ताक  रखकर 30 मीटर के बजाय 70 मीटर तक ओवर बर्डन डंप किया जा रहा है.  अब तो डीजीएमएस  भी गंभीर हो गया है.  सूचना के अनुसार बीसीसीएल के एरिया 12 की बसंती माता कोलियरी में खान सुरक्षा नियमों में गंभीर उल्लंघन का मामला सामने आया है. इसमें ओबी डंपिंग भी एक प्रमुख कारण  है.  डीजीएमएस की जांच में नदी के किनारे सुरक्षा तटबंध, खदान की सीढ़ी नुमा कटाई, ओवर बर्डन  की ऊंचाई, श्रमिकों की स्वास्थ्य जांच एवं प्रशिक्षण व्यवस्था से जुड़ी कई खामियां मिली हैं.  इसके बाद खनन गतिविधियों को तत्काल रोक लगाने के  निर्देश दिए गये हैं. 

अब तो दामोदर नदी के बहाव पर पैदा हो गया है खतरा 
 
यह वही ओवर बर्डन है , जो  अब दामोदर के बहाव क्षेत्र के लिए भी बड़ा खतरा बन गया है.   डंप की वजह से दामोदर नदी के बहाव क्षेत्र की धारा मुड़ने का खतरा पैदा हो गया है.  धनबाद के उपायुक्त ने झरिया के अंचल अधिकारी को एनजीटी में मुकदमा करने का निर्देश दिया है.  मतलब अब यह मामला एनजीटी में चला जाएगा।  सूत्रों के अनुसार दामोदर नदी के बहाव क्षेत्र में ओवर  बर्डन डंप किया जा रहा है .  भौरा  मौजा  में दो सरकारी प्लॉटों पर ओबी डंप किया गया है.  इसमें 3.80 एकड़ जमीन दामोदर नदी के बहाव क्षेत्र में स्थित है.  प्रशासन ने पहले भी ओबी डंप  हटाने का निर्देश दिया था.  लेकिन एक्शन नहीं लिया गया और अब एनजीटी में मामला जा सकता है.  

भौरा  में ओबी डंप का मामला पहले भी चर्चे में आ चुका है 

भौरा  में ओबी डंप  हटाने का मामला पहले भी उठ चुका है.  सूत्रों के अनुसार पिछले साल अक्टूबर महीना में हुई बैठक में दामोदर नदी और उसके आसपास की सरकारी जमीन से ओबी  डंप हटाने का निर्देश दिया गया था.  इसके बाद भी ठोस कार्रवाई नहीं हुई.  झरिया के अंचल अधिकारी ने भी पत्र जारी कर ओबी  हटाने का निर्देश दिया था बावजूद कार्रवाई नहीं हुई.  उल्लेखनीय है कि यह  मामला झारखंड विधानसभा की प्रश्न एवं ध्यान आकर्षण समिति के समक्ष भी उठ चुका है.  समिति ने इस मामले में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा था.  

कोयला क्षेत्र में क्या होता है ओबी डंप 

दरअसल, कोयला खदानों से निकलने वाले कोयले के ठीक ऊपर की मिट्टी, रेत, कंकड़ -पत्थर और चट्टानों  की परत को ओवर बर्डन कहा जाता है.  कोयला खनन क्षेत्र से बाहर निकाल कर इसे डंप किया जाता है.  नियम के मुताबिक इसकी ऊंचाई अधिकतम 30 मीटर होनी चाहिए लेकिन 70 मी ऊंचाई तक इसे  डंप किया जाता है.  इसी डंपिंग में कोयला चुनने  के दौरान कई हादसे  हो चुके है.  कभी-कभी भू-धंसान  भी होता रहा है.  इस तरह की डंपिंग से पर्यावरण को तो खतरा है ही, पेड़ पौधों के दब जाने से हरियाली भी नष्ट हो रही है तथा पर्यावरण को नुकसान हो रहा है.  इसी तरह अगर वह भी डंप होता रहा तो जंगल के तो नाम निशान मिट जाएंगे.