बरवाअड्डा विवाद और हुआ तीखा, क्या गिरफ्तार होंगे विधायक जयराम महतो या पुलिस एसोसिएशन जाएगा बैंकफुट पर?
बरवाअड्डा थाना विवाद में आगे क्या-क्या हो सकता है, इसको लेकर चर्चाएं तेज होती जा रही हैं. यह बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है. विधायक जयराम महतो पीछे हटने को तैयार नहीं हैं , तो झारखंड पुलिस एसोसिएशन भी मोर्चा खोल दिया है
धनबाद(DHANBAD): बरवाअड्डा थाना विवाद में आगे क्या-क्या हो सकता है, इसको लेकर चर्चाएं तेज होती जा रही हैं. यह बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है. विधायक जयराम महतो पीछे हटने को तैयार नहीं हैं , तो झारखंड पुलिस एसोसिएशन भी मोर्चा खोल दिया है. अब या तो विधायक जयराम महतो की गिरफ्तारी होगी या पुलिस एसोसिएशन आंदोलन करेगा। इधर, जयराम महतो के तेवर में थोड़ी भी कमी नहीं आई है. वह और आक्रामक हो गए हैं. आक्रामक अंदाज में उन्होंने पुलिस संगठन को भी सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है. पूछा है कि आखिर पुलिस संगठन इस विवाद में शामिल होने की निष्पक्ष ढंग से घोषणा की है या फिर इसके लिए उन पर दबाव डाला गया हैं. विधायक जयराम महतो कह रहे हैं कि उनकी विधायकी चली जाए या पुलिस को जो करना है, कर ले, वह पीछे हटने को तैयार नहीं है.
आखिर 2 मिनट का वीडियो ही पुलिस ने क्यों वायरल किया, बात तो 11 मिनट की हुई है. उन्होंने पूरा वीडियो जारी करने का डिमांड किया है. साथ ही कहा है कि थाने के सीसीटीवी फुटेज में उनके आने और उनके जाने तक का पूरा फुटेज सार्वजनिक किया जाए. विधायक के अनुसार यह विवाद बालू गाड़ी से पैसा लेने से शुरू हुआ और फिर इसे बेवजह तूल दिया गया. उल्लेखनीय है कि बरवाअड्डा थाना विवाद में झारखंड पुलिस एसोसिएशन अब कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है. 25 और 26 अगस्त को अलग -अलग रिलीज़ जारी की गई है. 25 अगस्त के रिलीज़ में माफ़ी मांगने की मांग की गई थी , 26 अगस्त की प्रेस रिलीज में पांच दिनों में गिरफ्तारी की मांग की गई है . प्रेस कांफ्रेंस भी की गई है. कहा गया है कि अगर बरवाअड्डा थाना कांड संख्या 146/26 में 5 दिनों के भीतर विधायक जयराम कुमार महतो एवं अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित नहीं हुई, तो आंदोलन होगा।
यह विज्ञप्ति झारखंड पुलिस एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल कुमार मुर्मू के हस्ताक्षर से जारी किया गया है. विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि विधायक के द्वारा लगातार सोशल मीडिया, प्रेस के माध्यम से पुलिसकर्मियों के प्रति अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते हुए वीडियो जारी किया जा रहा है. लगातार उनके द्वारा तथ्यों से परे बयान देकर वर्दी धारी के सम्मान एवं गरिमा को ठेस पहुंचाया जा रहा है. संवैधानिक पद पर बैठे माननीय का यह आचरण झारखंड पुलिस एसोसिएशन एवं सदस्यों को पीड़ा पंहुचा रही है. कहा गया है कि विधायक द्वारा थाना प्रभारी ,बरवाअड्डा को ऑफ ड्यूटी रहने पर सबक सिखाने की बात कही गई है. प्रबल संभावना है कि विधायक एवं उनके समर्थकों द्वारा बरवाअड्डा थाना प्रभारी एवं अन्य पदस्थापित पुलिसकर्मियों के जान माल का भी नुकसान पहुंचाया जा सकता है.
उल्लेखनीय है कि बरवाअड्डा थाना विवाद अब पुलिस और विधायक के बीच टकराव से आगे बढ़कर सियासी मुद्दा बन गया है. इस बीच नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी जय राम महतो के पक्ष में खड़े हो गए है. उन्होंने कई सवाल भी खड़े किये हैं. विधायक जयराम महतो ने विधानसभा अध्यक्ष को भी पत्र लिखे हैं. लिखे पत्र में कहा है कि वह सदन के निर्वाचित सदस्य हैं और विधायकों की गरिमा और अधिकारों की रक्षा करना विधानसभा अध्यक्ष का संवैधानिक दायित्व है. उन्होंने कहा कि वह कानून से ऊपर होने का दावा नहीं कर रहे हैं. यदि उनके खिलाफ कोई गंभीर अपराध है और उसके पर्याप्त साक्ष्य हैं, तो कानून अपना काम करे। लेकिन उनका सवाल है कि क्या बिना पर्याप्त तथ्य और जांच के किसी विधायक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करना उचित है?
विधान सभा अध्यक्ष के हस्तक्षेप नहीं करने से भी विधायक नाराज हैं. उनका कहना है कि उन्होंने आरोपी को छोड़ने या पुलिस की कानूनी कार्रवाई रोकने के लिए नहीं कहा था।जयराम महतो के मुताबिक, इसके बाद दूसरे पक्ष के लोग भी थाना पहुंचे और उनके खिलाफ नारेबाजी करने लगे। स्थिति तनावपूर्ण होने पर वह वहां से निकल गए। उनका कहना है कि बावजूद उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर दी गई। उन्होंने सवाल उठाया कि जब घटना थाना परिसर में हुई और वहां सीसीटीवी कैमरे और पुलिस अधिकारी मौजूद थे, तो उपलब्ध साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच क्यों नहीं की गई?