धनबाद -बोकारो में फर्जी सिम "लुटेरा" गिरोह का आतंक, अगर आप सचेत नहीं हुए तो कभी भी पुलिस दे सकती है दस्तक ?

फर्जी सिम के "खेल" का आकार और प्रकार बढ़ता जा रहा है. धनबाद पुलिस ने बलियापुर और चिरकुंडा में इस खेल का चौंकाने वाला खुलासा किया था

धनबाद -बोकारो में फर्जी सिम "लुटेरा" गिरोह का आतंक, अगर आप सचेत नहीं हुए तो कभी भी पुलिस दे सकती है दस्तक ?

धनबाद(DHANBAD):  फर्जी सिम के "खेल" का आकार और प्रकार  बढ़ता जा रहा है.  धनबाद पुलिस ने बलियापुर और चिरकुंडा  में इस खेल का चौंकाने वाला खुलासा किया था.  इधर, बोकारो में भी इस "खेल" का बड़ा खुलासा होने की सूचना है.  एक युवक ने मात्र एक महीने में 140 से अधिक सिम बाँटें  है.  यह आंकड़ा किसी को भी चौंका सकता है.  चंदन कियारी  के एक दूसरे आरोपी ने 42 सिम बाँटें  है.  पुलिस सूत्रों के अनुसार हर एक सिम के लिए उन्हें लगभग ₹800 मिलते थे.  यह  खुलासा तब हुआ है जब बोकारो साइबर थाना पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है.  गिरफ्तार आरोपियों में चंदनकियारी  थाना क्षेत्र के दो युवक शामिल है.  पूछताछ में दोनों ने दूसरे लोगों के आधार कार्ड और फिंगरप्रिंट का उपयोग कर सिम एक्टिवेट करने और उन्हें साइबर अपराधियों तक पहुंचाने की बात स्वीकार की  हैं. 

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने किया है बड़ा खुलासा 

 पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने दूसरे लोगों के आधार कार्ड और फिंगरप्रिंट लेकर सिम एक्टिवेट करने की बात स्वीकार की है.  पुलिस के अनुसार इन सिम का इस्तेमाल फर्जी बैंक खाता खोलने और मोबाइल के माध्यम से ठगी करने में किया जाता था.  दोनों आरोपियों को उनके घर से गिरफ्तार किया गया . बता दे कि  धनबाद पुलिस ने बलियापुर और चिरकुंडा  थाना क्षेत्र से दूरसंचार विभाग की खुफिया रिपोर्ट के बाद  बड़े पैमाने पर फर्जी सिम कार्ड एक्टिवेट कर साइबर अपराधियों को बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया था.  पुलिस ने इन मामलों में दुकानदारों, एजेंट और मुख्य सरगनाओ को गिरफ्तार किया था. 

बलियापुर चौक स्थित एक दुकान से 166 संदिग्ध  सिम कार्ड निर्गत हुए थे 
 
सूत्रों के अनुसार दूरसंचार विभाग ने शिकायत की थी कि 1 जनवरी से 29 मई  2026 के बीच बलियापुर चौक स्थित एक दुकान से 166 संदिग्ध  सिम कार्ड जारी किए गए थे.  इनमें से 57 सिम कार्ड से देश भर में करोड़ों रुपए की साइबर ठगी की बात सामने आई थी.  यह लोग  बलियापुर थाना क्षेत्र के शीतलपुर  इलाके के सीधे-साधे गरीब ग्रामीणों के दस्तावेज का गलत इस्तेमाल करके उनके नाम पर चुपके से 15 से 20 सिम कार्ड निकाल लेते थे.  इसके बाद उन्हें ग्रामीणों के नाम पर फर्जी बैंक खाता भी खुलवाते थे और सिम ,पासबुक को साइबर अपराधियों को बेचते थे. 

चिरकुंडा की एक दुकान से 64 संदिग्ध सिम कार्ड हुए थे जारी 
 
इसी प्रकार चिरकुंडा  थाना क्षेत्र अंतर्गत एक दुकान से 64 संदिग्ध सिम कार्ड जारी किए जाने की सूचना पुलिस को मिली थी.  इनमें से 27 सिम कार्ड सीधे तौर पर नेशनल साइबर क्राईम रिर्पोटिंग पोर्टल पर दर्ज ठगी के मामलों में एक्टिव पाए गए थे.  इन मामलों के खुलासे  के बाद धनबाद पुलिस ने जागरूकता अभियान भी चलाया था.  लोगों को जागरूक करने के लिए कई कार्यक्रम किए गए थे.  सहिया   को भी ट्रेनिंग दी गई थी कि वह गांव वालों को समझाएं कि यह एक अपराध है और इसमें उनके खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है.  वह जेल भी जा सकते हैं.