धनबाद में ओबी डंप और जमीन विवाद पर विशेष समिति की बैठक, BCCL को छह महीने में अतिक्रमण हटाने का निर्देश
धनबाद में जमीन और ओबी डंप मामलों पर विशेष समिति की बैठक, BCCL को छह महीने में दामोदर नदी क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने का निर्देश.
धनबाद में जमीन और ओबी डंप मामलों पर विशेष समिति की बैठक, BCCL को छह महीने में दामोदर नदी क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने का निर्देश.
धनबाद (DHANBAD): ओबी डंप और जमीन से जुड़े मामलों की जांच के लिए गठित विशेष समिति (प्रश्न एवं ध्यानाकर्षण) की विभागीय बैठक बुधवार, 3 सितंबर 2026 को समिति कक्ष संख्या 05 में आयोजित हुई. बैठक में संबंधित कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ विभिन्न विभागों के वरीय अधिकारी शामिल हुए. बैठक में धनबाद के सिजुआ-मेलाटांड़ समेत अन्य क्षेत्रों में जमीन के उपयोग, राजस्व भुगतान और अतिक्रमण से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई.
बैठक के दौरान नगर पुलिस अधीक्षक, धनबाद ने समिति को थाना कांड संख्या 79/23 की जांच से संबंधित जानकारी दी. बताया गया कि अंचल अधिकारी, बलियापुर की ओर से दर्ज प्राथमिकी और अनुसंधान के आधार पर M/S देवप्रभा कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के मालिक/निदेशक कुंभनाथ सिंह के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने की जानकारी सामने आई है.
समिति ने सिजुआ-मेलाटांड़ क्षेत्र में टाटा कंपनी द्वारा इस्तेमाल की जा रही सरकारी जमीन की स्थिति और रैयतों से अधिग्रहित भूमि के एवज में सरकार को किए गए राजस्व भुगतान का विस्तृत प्रतिवेदन मांगा. साथ ही BCCL को जमीन की सैटेलाइट मैपिंग के लिए ISM धनबाद के साथ जल्द समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया.
बैठक में जमीन से जुड़े CNT एक्ट और अन्य लंबित मामलों के त्वरित समाधान पर भी जोर दिया गया. समिति ने संबंधित अधिकारियों और कंपनियों को कैंप लगाकर मामलों का निपटारा करने तथा पात्र रैयतों को भुगतान की प्रक्रिया जल्द पूरी करने का निर्देश दिया.
दामोदर नदी क्षेत्र में हुए अतिक्रमण को लेकर भी बैठक में महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए. BCCL ने छह महीने के भीतर अतिक्रमण हटाने पर सहमति जताई. समिति ने तय समयसीमा के भीतर कार्रवाई पूरी कर नदी क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त करने का निर्देश दिया.
बैठक में समिति के संयोजक मथुरा प्रसाद महतो, सदस्य राज सिन्हा, अरुप चटर्जी, चन्द्रदेव महतो और सुदीप गुड़िया मौजूद रहे. इसके अलावा राजस्व, खान, वन विभाग, धनबाद जिला प्रशासन, BCCL, ECL, टाटा सहित अन्य कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया.