धनबाद में शिबू का एनकाउंटर,जमशेदपुर में बैंक डकैती,रांची से विशाल की गिरफ्तारी,क्या झारखंड को ठिकाना बना लिए हैं बाहर के अपराधी?
धनबाद में उत्तर प्रदेश के शार्प शूटर सागर उर्फ शिबू सिंह का एनकाउंटर, फिर जमशेदपुर के गोलमुरी स्थित केनरा बैंक में झारखंड की सबसे बड़ी बैंक डकैती, उसके बाद बिहार के विशाल कुमार सिंह की रांची से गिरफ्तारी के बाद कहा जा सकता है कि बिहार और यूपी के अपराधी झारखंड को ठिकाना बना लिए हैं?
धनबाद(DHANBAD) | धनबाद में उत्तर प्रदेश के शार्प शूटर सागर उर्फ शिबू सिंह का एनकाउंटर, फिर जमशेदपुर के गोलमुरी स्थित केनरा बैंक में झारखंड की सबसे बड़ी बैंक डकैती, उसके बाद बिहार के विशाल कुमार सिंह की रांची से गिरफ्तारी के बाद कहा जा सकता है कि बिहार और यूपी के अपराधी झारखंड को ठिकाना बना लिए हैं? धनबाद के निरसा में 16 सितंबर को यूपी के शार्प शूटर सागर उर्फ शिबू सिंह को पकड़ने पहुंची धनबाद पुलिस की टीम पर पहले फायरिंग कर दी गई ,फिर पुलिस ने मोर्चा संभाला और शिबू को घायल कर गिरफ्तार कर लिया। वह अभी धनबाद जेल में बंद है. पुलिस रिमांड पर लेकर उससे पूछताछ कर सकती है. वह धनबाद से लेकर जमशेदपुर के अपराध कांडों में शामिल बताया जाता है. उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर का वह रहने वाला है. उसके बारे में चर्चा है कि उसके हाथों से छूटी गोलियां अचूक होती हैं. फिलहाल वह दूसरी बार धनबाद जेल पहुंचा है.
गोलमुरी स्थित केनरा बैंक में झारखंड की सबसे बड़ी डकैती हो गई
इसके बाद जमशेदपुर के गोलमुरी स्थित केनरा बैंक में झारखंड की सबसे बड़ी डकैती हो गई. इस डकैती में 23 किलो सोना और 43 लाख रुपए लूटे जाने की बात सामने आई है. जानकार बताते हैं कि झारखंड गठन के बाद यह सबसे बड़ी सोना और नगदी की डकैती है. घटना को अंजाम देने के पहले अपराधियों ने जो स्टाइल अपनाया था, उसकी एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है. सूत्रों के अनुसार 2022 में धनबाद के बैंक मोड में मुथूट फाइनेंस में डाका डालने के लिए लोकल लड़कों के साथ बिहार का सोना लुटेरा गिरोह पहुंचा था. बैंक खुलते ही अपराधी प्रवेश कर गए थे और कर्मचारियों के मुंह पर टेप साट दिया था. लेकिन उनकी किस्मत धोखा दे गई, किसी ने इसकी सूचना बैंक मोड़ पुलिस को दे दी.

धनबाद के मुथूट फाइनेंस में इस तरह हुई थी घटना विफल
उस समय बैंक मोड़ के थानेदार पीके सिंह थे. पीके सिंह ने बिना विलंब किए घटनास्थल पर पहुंच गए. पीछे से फोर्स भी पहुंची, पीके सिंह ने डकैतों को ललकारा , पुलिस पहुंचने की सूचना पर डकैत हड़बड़ा गए और नीचे उतरकर भागने लगे. इस क्रम में पुलिस की फायरिंग से एक अपराधी की मौत हो गई थी, दो को पकड़ लिया गया था. इस तरह डकैती की योजना विफल हो गई थी. गोलमुरी बैंक डकैती में भी लगभग इसी तरह के "मॉडल ऑपरेंडी" का प्रयोग किया गया है. बैंक खुलते ही अपराधी बैंक में प्रवेश कर गए और सूत्रों के अनुसार पहले हथियार के बल पर कर्मचारियों को कब्जे में लिया और फिर टेप साट दिया और लगभग एक घंटे तक बैंक में रहे और फिर 600 पैकेट सोना और लाखो रुपए नगद लेकर आराम से बाइक से चलते बने. डकैतों के साथी बाहर बाइक स्टार्ट कर उनका इंतजार कर रहे थे. सोना और नगदी लेकर अपराधी बाइक से लापता हो गए. यह अलग बात है कि जमशेदपुर पुलिस इस घटना को गंभीरता से लिया है और कई टीमें बनाई गई हैं. यह लूट की घटना झारखंड पुलिस के लिए भी बड़ी चुनौती है. संदेह व्यक्त किया जाता है कि बिहार के सोना लुटेरा गिरोह इसमें शामिल हो सकता है?

बिहार के कुख्यात ईनामी अपराधी रांची से हुआ है अरेस्ट
सूचना मिली है कि पटना में सालों पहले डकैती की घटना को अंजाम देने के बाद बिहार का अपराधी विशाल कुमार सिंह झारखंड में शरण लिए हुए है. वह अपनी पहचान छुपा कर वह रांची के बरियातू में रह रहा था. एसटीएफ और पटना पुलिस ने बुधवार की रात उसे गिरफ्तार कर लिया है. उसे पटना ले जाया गया है. उस पर ₹25000 का इनाम भी था. सूत्रों के अनुसार पाटलिपुत्र थाना क्षेत्र के एक अपार्टमेंट में 2019 में डकैती की घटना हुई थी. अपराधियों ने 30 लाख नगद और गहने लूट लिए थे. पुलिस की जांच में यह बात सामने आई कि विशाल कुमार सिंह और उसके गिरोह ने घटना को अंजाम दिया था. तब से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी. पुलिस को जानकारी मिली कि वह रांची के बरियातू में अपनी पहचान छुपा कर रह रहा है. उसके बाद पुलिस एक्शन में आई और उसे बुधवार को गिरफ्तार कर लिया।
यूपी के शार्प शूटर अनुज कनौजिया का 2025 में हुआ था एनकाउंटर
इन घटनाओं से ऐसा लगता है कि अपराधी झारखंड को अपना सुरक्षित ठिकाना बना लिए है. यहां यह भी बताना जरूरी लगता है कि मार्च 2025 में यूपी के एक और शार्प शूटर अनुज कनौजिया का एनकाउंटर जमशेपुर में हुआ था. यह एनकाउंटर जमशेदपुर के परसुडीह थाना क्षेत्र में हुआ था. अनुज कनौजिया उत्तर प्रदेश के माफिया डॉन रहे मुख्तार अंसारी का शार्प शूटर बताया जाता था. यूपी एसटीएफ को सूचना मिली कि वह जमशेदपुर में छुपा हुआ है. जमशेदपुर पुलिस के साथ जब घर की घेराबंदी की गई, तो अनुज कनौजिया ने पुलिस पर फायर झोंक दिया, बम से भी हमला किया। उसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की. जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया. इसकी चर्चा झारखंड से लेकर उत्तर प्रदेश तक खूब हुई थी.
जानिए झारखंड अब तक कितनी बड़ी बैंक लूट की घटनाये हुई हैं
24 सितंबर 2026 (जमशेदपुर): गोलमुरी केनरा बैंक से 23 किलो सोना और 43 लाख कैश समेत कुल 36.43 करोड़ रुपये की सबसे बड़ी डकैती। 24 अप्रैल 2026 (हजारीबाग): बरही स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र से महज 10 मिनट में बंधक बनाकर 7 करोड़ का सोना व 5 लाख नकद लूटे गए।22 सितंबर 2025 (देवघर): मधुपुर स्थित एचडीएफसी बैंक शाखा से 1.64 करोड़ नकद और 2.2 किलो सोना लूटा गया था। 18 अगस्त 2022 (जमशेदपुर): मानगो उलीडीह स्थित बैंक ऑफ इंडिया में फर्जी सीबीआई अधिकारी बनकर 35 लाख नकद और 1.25 करोड़ के गहने उड़ाए गए। 06 सितंबर 2022 (धनबाद): बैंक मोड़ स्थित मुथूट फिनकार्प में करोड़ों के सोने की डकैती का प्रयास, पुलिस एनकाउंटर में एक डकैत ढेर।