धनबाद में दुर्लभ प्रजाति वन्य जीव के 40 लाख के अवशेष बरामद, क्या था तस्करों का मॉडस ऑपरेंडी?

धनबाद में गुरुवार को दुर्लभ प्रजाति वन्य जीव के लगभग 40 लाख के अवशेष बरामद किये गए है. यह छापेमारी गुरिल्ला तर्ज पर की गई. कुछ ऐसी प्रजाति के भी अवशेष मिले हैं ,जिसकी जांच की जरूरत पड़ी है.

धनबाद में दुर्लभ प्रजाति वन्य जीव के 40 लाख के अवशेष बरामद, क्या था तस्करों का मॉडस ऑपरेंडी?

धनबाद(DHANBAD):  धनबाद में गुरुवार को दुर्लभ प्रजाति वन्य जीव के  लगभग 40 लाख के अवशेष बरामद किये गए है. यह छापेमारी गुरिल्ला तर्ज पर की गई.  कुछ ऐसी प्रजाति के भी अवशेष मिले हैं ,जिसकी जांच की जरूरत पड़ी है.  उन्हें  जांच के लिए देहरादून भेजा जा सकता है. गुरुवार को वन विभाग ने  छापेमारी कर धनबाद में सक्रिय वन्य जीव तस्करी के एक बड़े गिरोह का खुलासा किया है.  इनके पास से कई सामग्रियां बरामद की गई हैं.  कुछ तो ऐसी चीज मिली हैं , जिनकी जांच जरूरी बताई गई हैं.  पकड़े गए तीन झरिया, बरवा अड्डा  और भूली के बताए गए हैं. 

तस्कर बेफिक्र होकर होटल में ठिकाना बनाये हुए थे 
 
धनबाद में वन्य  जीव के तस्करी की लगातार शिकायतें मिल रही थी.  इसके बाद वन विभाग ने आज कार्रवाई की है.  धनबाद के वन प्रमंडल पदाधिकारी विकास पालीवाल ने गुरुवार को बताया कि एक ठोस इनपुट पर विभाग सक्रिय  था.  इसी क्रम में आज पता चला कि कुछ तस्कर धनबाद के मेमको  मोड़ स्थित एक होटल के कमरा नंबर 212 में ठहरे हुए हैं.  उनके पास मृत वन्य जीवों के अवशेष है.  इसकी सूचना पर सादे लिबास  में वन विभाग के एक कर्मचारी को खरीदार के रूप में भेजा गया.  वह तस्करों से बातचीत कर पूरी जानकारी जुटा  लिया था.  उसके बाद सिग्नल मिलने के बाद इंतजार कर रही टीम होटल में पहुंच गई और तीनों को धर दबोचा।   

तंत्र -मंत्र के बाजार में खपाने की थी तैयारी 
 
दरअसल ,आशंका इस बात की है कि तंत्र -मंत्र  के लिए इसकी खरीदारी करते है.  कीमत मुंहमांगी  होती हैं.  चुकि  आज ही गिरफ्तारी हुई है और इन्हें कोर्ट में पेश करना है ,इसलिए बहुत जानकारी विभाग को नहीं मिली है.  अब उन्हें जेल से रिमांड  पर लेकर पूछताछ की  जाएगी. पुलिस के पास भी सूचना भेजी जाएगी कि  गिरफ्तार लोग क्या किसी दूसरे तरह के अपराध में शामिल है अथवा नहीं ? उल्लेखनीय है कि धनबाद से गुजरने वाली ट्रेनों में भी वन्य जीवों की तस्करी के खुलासे  होते रहे है.  कोलकाता से दिल्ली तक जाने वाली ट्रेनों में कई बार सैकड़ो की संख्या में जीवित कछुए बरामद किए गए हैं.  कहा जाता है कि वन्य जीवों के तस्कर धनबाद के रेल रूट को सुरक्षित ठिकाना बना लिए हैं.  आज गिरफ्तार हुए तस्करों से मिली जानकारी पर अगर कार्रवाई की गई, तो एक बड़े गिरोह का खुलासा हो सकता है.