हेमंत सोरेन सरकार के एक निर्णय से कैसे धनबाद -बोकारो में आ सकती है रोजगार की क्रांति ,पढ़िए 

हेमंत सोरेन सरकार ने चंदनकियारी के पर्वतपुर और सीतानाला कोल ब्लॉकों के खनन पट्टे को मंजूरी दे दी है. इस फैसले से धनबाद-बोकारो क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार, औद्योगिक विकास और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.

हेमंत सोरेन सरकार के एक निर्णय से कैसे धनबाद -बोकारो में आ सकती है रोजगार की क्रांति ,पढ़िए

धनबाद(DHANBAD):  हेमंत सोरेन की सरकार ने धनबाद से सटे  चंदनकियारी  क्षेत्र के लिए एक बड़ा फैसला लिया है.  सूत्रों पर भरोसा करें तो चंदनकियारी  स्थित पर्वतपुर कोल्  ब्लॉक और सीतानाला कोल्  ब्लॉक खनन पट्टा की स्वीकृति दे दी है.  इससे इलाके में रोजगार की क्रांति आने की संभावना है.  आर्थिक गतिविधियों को भी नई ताकत मिलेगी।  बता दें कि उमाकांत रजक चंदन कियारी  से झामुमो  के विधायक है.  उनका मानना है कि राज्य सरकार का यह फैसला इलाके को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगा।  

जेएसडब्ल्यू स्टील को 2023 में ही मिला था ,लेकिन 

उल्लेखनीय है कि दोनों कोल्  ब्लॉक जेएसडब्ल्यू स्टील को 2023 में ही ऑक्शन  के जरिए दिया गया था.  लेकिन खनन पट्टा और अन्य स्वीकृति  की वजह से उत्पादन प्रारंभ नहीं हो रहा था.  अब सभी बाधाएं   लगभग दूर हो गई हैं.  कैबिनेट की स्वीकृति के बाद पर्वतपुर कोल्  ब्लॉक के 2174.52 एकड़ तथा सीता नाला कोल्  ब्लॉक के लगभग 792 एकड़ क्षेत्र में खनन गतिविधियां शुरू हो सकती हैं.  जानकार बताते हैं कि इससे बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष अथवा प्रत्यक्ष रोजगार का सृजन  होगा।  एक समय के  प्रसिद्ध दुग्धा  कोल् वाशरी  को भी इस मदद मिलेगी। 

दोनों परियोजनाओं में बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार का सृजन होगा

विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों परियोजनाओं में बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार का सृजन होगा।  खनन कार्य शुरू होने के साथ परिवहन, मशीनरी, ठेका कार्य, छोटे व्यापार, होटल और सेवा क्षेत्र में भी रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।इसके अलावा सड़क, बिजली, जलापूर्ति और अन्य आधारभूत संरचनाओं के विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है.  स्थानीय लोगों को अब उम्मीद है कि वर्षों से कागजों में अटकी परियोजनाएं धरातल पर उतरेंगी और चंदनकियारी कोयला आधारित औद्योगिक विकास के नए केंद्र के रूप में उभरेगा,लोग यह भी बता रहे है कि प्रदेश सरकार के इस निर्णय से धनबाद -बोकारो के कोयला क्षेत्र की बदल सकती है किस्मत।