कांग्रेस की बैठक से दो बड़े चेहरे गायब, श्वेता सिंह और पूर्णिमा नीरज सिंह की गैरमौजूदगी पर उठे सवाल

धनबाद लोकसभा की कांग्रेस समीक्षा बैठक में श्वेता सिंह और पूर्णिमा नीरज सिंह की गैरमौजूदगी चर्चा का विषय बनी. दोनों नेताओं के बैठक में नहीं पहुंचने की वजह को लेकर सवाल उठ रहे हैं.

कांग्रेस की बैठक से दो बड़े चेहरे गायब, श्वेता सिंह और पूर्णिमा नीरज सिंह की गैरमौजूदगी पर उठे सवाल

धनबाद (DHANBAD): कांग्रेस के झारखंड प्रभारी के राजू धनबाद से रांची पहुंच गए हैं. फिर वह दिल्ली चले जाएंगें. रविवार को धनबाद में धनबाद लोकसभा क्षेत्र की उन्होंने समीक्षा बैठक की. लेकिन इस बैठक से कई सवाल भी सामने आये. कांग्रेस सर्कल में सोमवार को दिनभर इस बात की चर्चा रही कि आखिर बोकारो विधायक श्वेता सिंह और झरिया से पूर्व विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह बैठक में क्यों नहीं शामिल हुई? इस सम्बन्ध में कांग्रेस के लोग भी कुछ बोलने से परहेज कर रहे हैं. 

कारण चाहे जो भी हो लेकिन चर्चा इसकी खूब चल रही है. कांग्रेस वाले भी चटकारे लेकर इसकी चर्चा कर रहे हैं. चर्चा इस बात की है कि धनबाद लोक सभा क्षेत्र की एकमात्र कांग्रेस विधायक श्वेता सिंह आखिर क्यों नहीं पहुंची. पूर्व विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह भी बैठक में नहीं दिखीं. क्या उन्हें निमंत्रण नहीं दिया गया था या फिर किसी अन्य कारणों  से वह बैठक से अनुपस्थिति रही. धनबाद लोकसभा के प्रभारी बेरमो विधायक अनूप सिंह हैं. उन्हीं की देखरेख में रविवार को धनबाद लोकसभा की समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी. इस बैठक में झारखंड कांग्रेस प्रभारी के राजू शामिल थे. दरअसल के राजू ने ही लोकसभा के प्रभारी की नियुक्ति प्रक्रिया की शुरुआत की. प्रक्रिया की शुरुआत के बाद धनबाद में रविवार को पहली बैठक हुई थी. 

इस बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई. झारखंड प्रभारी ने लोगों को सुझाव भी दिए और टास्क भी. उन्होंने कहा कि संगठन को जमीन तक ले जाना होगा और इसके लिए कड़ी मेहनत करनी होगी. झारखंड कांग्रेस प्रभारी ने पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं से आपसी समन्वय और सामंजस्य बनाकर काम करने का निर्देश दिया. बैठक की अध्यक्षता धनबाद जिला कांग्रेस के अध्यक्ष संतोष कुमार सिंह ने की थी. बैठक में आम जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और उन्हें प्रभावी तरीके से सरकार और प्रशासन के समक्ष रखने  पर जोर दिया गया. के राजू ने कहा कि 2029 के लोकसभा चुनाव में धनबाद से कांग्रेस की विजय निश्चित करने के लिए अभी से ही कमर कस लेना होगा.