जमीन विवाद में पूर्व सब-रजिस्ट्रार की हत्या पर धनबाद निबंधन कार्यालय में पेन डाउन, दोषियों की गिरफ्तारी की उठी मांग

जमीन विवाद में पूर्व सब-रजिस्ट्रार की हत्या पर धनबाद निबंधन कार्यालय में पेन डाउन, दोषियों की गिरफ्तारी की उठी मांग

धनबाद (DHANBAD): रामगढ़ जिले में जमीन विवाद को लेकर गिरिडीह के पूर्व सब-रजिस्ट्रार बालेश्वर पटेल की हत्या के विरोध में बुधवार को धनबाद निबंधन कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों ने पेन डाउन हड़ताल कर अपना विरोध दर्ज कराया. विरोध के कारण पूरे दिन निबंधन कार्यालय का कामकाज ठप रहा, जिससे दस्तावेजों के निबंधन सहित अन्य आवश्यक कार्य प्रभावित हुए और दूर-दराज से पहुंचे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा.

कर्मचारियों ने कार्यालय परिसर में एकत्र होकर दिवंगत अधिकारी बालेश्वर पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित की. इस दौरान उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया और घटना की कड़ी निंदा की गई. कर्मचारियों ने इसे बेहद दुखद और चिंताजनक बताते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं.

निबंधन विभाग के कर्मियों ने सरकार से हत्या में शामिल सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की. साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की भी मांग उठाई. कर्मचारियों का कहना था कि यदि सरकारी अधिकारी ही सुरक्षित नहीं रहेंगे तो वे अपने दायित्वों का निर्वहन निर्भीक होकर कैसे कर पाएंगे. उन्होंने सरकार से इस मामले में त्वरित कार्रवाई कर दोषियों को जल्द से जल्द कानून के दायरे में लाने की अपील की.

वहीं, पेन डाउन आंदोलन के कारण निबंधन कार्यालय में दस्तावेजों का रजिस्ट्रेशन पूरी तरह प्रभावित रहा. रजिस्ट्री कराने पहुंचे लोगों को बिना काम कराए वापस लौटना पड़ा. कई आवेदकों ने कहा कि पहले से तय समय पर कार्यालय पहुंचने के बावजूद काम नहीं हो सका, जिससे उन्हें अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ी. बताते चलें कि मंगलवार को रामगढ़ जिले के मांडू थाना क्षेत्र के बेलसगरा गांव में जमीन विवाद के दौरान गिरिडीह के पूर्व सब-रजिस्ट्रार एवं बेलसगरा निवासी बालेश्वर पटेल की हत्या कर दी गई थी. घटना के बाद पूरे निबंधन विभाग में शोक और आक्रोश का माहौल है.

रिपोर्ट : नीरज कुमार