विधायक जयराम महतो को क्यों दिख रहा विधायिका-कार्यपालिका में टकराव? अब क्यों कर रहे ‘उलगुलान’ की बात, पढ़िए पूरी कहानी

धनबाद के एक कार्यक्रम में रविवार को पहुंचे झारखंड के चर्चित विधायक जयराम महतो ने कहा कि राज्य में विधायिका और कार्यपालिका में टकराव की स्थिति बनती जा रही है

विधायक जयराम महतो को क्यों दिख रहा विधायिका-कार्यपालिका में टकराव? अब क्यों कर रहे ‘उलगुलान’ की बात, पढ़िए पूरी कहानी

TNP डेस्क : धनबाद के एक कार्यक्रम में रविवार को पहुंचे झारखंड के चर्चित विधायक जयराम महतो ने कहा कि राज्य में विधायिका और कार्यपालिका में टकराव की स्थिति बनती जा रही है. यह लोकतंत्र के लिए सही नहीं है. उन्होंने कहा कि ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था. इसके पहले भी कई मुख्यमंत्री हुए. लेकिन उनके कार्यकाल में ब्यूरोक्रेसी इतनी निरंकुश नहीं हुई थी. उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले में गंभीरता से विचार करने का अनुरोध किया.

जयराम का आरोप DC राजनेताओं से नहीं मिलते 

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी का उदाहरण देते हुए विधायक ने कहा कि साहिबगंज के डीसी उनसे नहीं मिलते . यह घोर आपत्तिजनक है. नेता प्रतिपक्ष मुख्यमंत्री का "शैडो" होता है. उसे कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त है. ऐसे में अधिकारी अगर उनसे नहीं मिलते हैं, तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष की उम्र ऐसी नहीं है कि वह जयराम महतो की तरह आक्रामक मुद्रा में इन सब का विरोध करें. लेकिन जयराम महतो लड़ेगा भी और भिड़ेगा भी और गड़ेगा भी.  उन्होंने वर्तमान की व्यवस्था में सुधार की मांग की. जयराम ने कहा कि झारखंड के लोग अभी भी यह नहीं जानते कि डीसी, एसपी भी कोई अधिकारी होता है. वह लोग तो वीडियो ,सीओ और बड़ा बाबू तक को ही जानते हैं .इन जगह उनका काम नहीं होता. लोग परेशान होते हैं. अधिकारी बात नहीं सुनते हैं. यह सही नहीं है. 

जयराम ने कहा छात्र नेता देवेंद्र महतो से कोई विवाद नहीं 

जयराम महतो ने देवेंद्र महतो और पार्टी के बीच मनमुटाव की चर्चा पर कहा कि दोनों के बीच किसी तरह का विवाद नहीं है .कहा कि जब कोई व्यक्ति या संगठन आगे बढ़ता है तो राजनीतिक चर्चाएं होनी स्वाभाविक है. इन चर्चाओं को बहुत महत्व नहीं दिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि देवेंद्र महतो छात्रों के मामले में आंदोलन कर रहे हैं और उनकी पार्टी उन्हें पूरा सहयोग दे रही है. 

पुलिस एसोसिएशन पर तंज कहा जानता का उन्हें समर्थन नहीं 

उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस संगठनको आंदोलन करना चाहिए था. आंदोलन इसलिए वापस लिया, क्योंकि उसे अंदाजा था कि आंदोलन को समर्थन नहीं मिलेगा. उन्होंने एलानिया लहजे में कहा कि जो अधिकारी ईमानदार और कर्तव्य निष्ठ हैं ,उनको मैं नमस्कार करता हूं .उनके साथ में हमेशा खड़ा हूं .लेकिन भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी. भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना उनका राजनीतिक और सामाजिक दायित्व है .वह इसे किसी कीमत पर पीछे नहीं हट सकते. विधायक जयराम महतो ने कहा कि देश और राज्य को सशक्त बनाने के लिए ब्रिटिश कानून से मुक्ति पाना होगा. गिरिडीह में महिला के साथ मारपीट, धनबाद में ट्रैफिक पुलिस की वजह से दोनों पैर टूटने के बाद पुलिस की कार्रवाई की निंदा की .कतरास के रामकनाली में रविवार को हुए हादसे के लिए उन्होंने अवैध उत्खनन को जिम्मेवार बताया. उन्होंने यह भी कहा कि कोयले की अवैध कारोबार की वजह से बाघमारा के स्थानीय जनप्रतिनिधियों को आर्थिक रूप से मजबूत बना दिया है .