मिसिर बेसरा ने उगले नेटवर्क के राज,रिमांड खत्म होने के बाद भेजा गया जेल,कहां -कहां थी सुरक्षा 

मिसिर बेसरा ने उगले नेटवर्क के राज,रिमांड खत्म होने के बाद भेजा गया जेल,कहां -कहां थी सुरक्षा

tnp desk: 14 दिनों का  पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद भाकपा (माओवादी) के पोलित ब्यूरो सदस्य और 2.20 करोड़  के इनामी मिसिर बेसरा समेत तीन हार्डकोर नक्सलियों को बुधवार को धनबाद लाया गया.  उसके बाद   तीनों को  कड़ी सुरक्षा के बीच सदर अस्पताल में मेडिकल जांच कराई गई.  इसके बाद  उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. 31 जुलाई को पुलिस रिमांड मिलने के बाद तीनों नक्सलियों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रांची ले जाया गया था.  वहां करीब 11 दिनों तक विभिन्न केंद्रीय और राज्य जांच एजेंसियों ने उनसे पूछताछ की. 

धनबाद में हुई थी गिरफ्तारी ,कई एजेंसियो ने की पूछताछ 

 राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए), इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) और झारखंड पुलिस के अधिकारियों ने अलग-अलग स्तर पर पूछताछ कर माओवादी संगठन के नेटवर्क, फंडिंग, हथियारों की आपूर्ति और संगठन से जुड़े सहयोगियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई ,धनबाद लाए गए नक्सलियों में भाकपा (माओवादी) के पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा उर्फ सागर उर्फ भास्कर उर्फ सुनिर्मल शामिल है, जिस पर 2.20 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था.  इसके अलावा 15 लाख रुपये के इनामी मेहनत उर्फ मोछू उर्फ विभीषण तथा गौरव उर्फ वीरेंद्र हांसदा उर्फ सौरभ को भी न्यायिक हिरासत में भेजा गया है. 

सदर अस्पताल के आस पास थी कड़ी सुरक्षा 

मेडिकल जांच के दौरान सदर अस्पताल और आसपास के इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे.  अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी. मिसिर बेसरा को माओवादी संगठन के शीर्ष और बेहद प्रभावशाली नेताओं में गिना जाता है.  लंबे समय से वह झारखंड समेत आसपास के इलाकों में सक्रिय माओवादी नेटवर्क से जुड़ा रहा है.  उसके खिलाफ कई गंभीर नक्सली वारदातों और हिंसक गतिविधियों में संलिप्तता के मामले दर्ज बताए जाते है.  सुरक्षा एजेंसियों के लिए मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी को बड़ी सफलता मानी  जा रही  है.