Big Update in Sijua Subsidence: बीसीसीएल के सीएमडी,जीएम और एजेंट के खिलाफ पुलिस में शिकायत, अब आगे क्या?
धनबाद के सिजुआ में मंगलवार के तड़के हुए भयंकर भू-धंसान की घटना का मामला अब पुलिस के पास पहुंच गया है
धनबाद के सिजुआ में मंगलवार के तड़के हुए भयंकर भू-धंसान की घटना का मामला अब पुलिस के पास पहुंच गया है
धनबाद(DHANBAD): धनबाद के सिजुआ में मंगलवार के तड़के हुए भयंकर भू-धंसान की घटना का मामला अब पुलिस के पास पहुंच गया है. छाताबाद धंसान की घटना के बाद भी बीसीसीएल के सीएमडी सहित अन्य अधिकारियों के खिलाफ थाने में शिकायत की गई थी. एफआईआर भी हुई थी. इधर, सूत्रों के अनुसार सिजुआ धंसान के मामले की शिकायत भी पुलिस के पास पहुंचा दी गई है. सूत्र बता रहे हैं कि सिजुआ 10 नंबर निवासी पीड़ित भीम बहादुर ने जोगता पुलिस को लिखित शिकायत दी है. शिकायत में बीसीसीएल के सीएमडी , सिजुआ क्षेत्र के महाप्रबंधक और मोदीडीह कोलियरी के एजेंट को घटना के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है.
शिकायत में कहा गया है कि उनका पूरा सामान, पत्नी, पुत्रियां तथा पुत्र मलवे में दब गए थे. जिन्हें ग्रामीणों ने बाहर निकाला. सभी को इलाज के लिए निचितपुर क्लीनिक में भर्ती कराया गया. जहां उनके पुत्र विक्रम कुमार की मौत हो गई. पीड़ित का आरोप है कि भू धंसान की आशंका को लेकर कई बार बीसीसीएल प्रबंधन से शिकायत की गई थी. लेकिन प्रबंधन कोई सक्रियता नहीं दिखाई.
उल्लेखनीय है कि सिजुआ धंसान से लोगों में आक्रोश के साथ-साथ चिंता भी है. ग्रामीणों का आरोप है कि घटना स्थल के समीप खदान में अवैध कोयला खनन के कारण घटना हुई है. बता दें कि कोयलांचल की जिंदगी खौफ में गुजर रही है. कोलियरी क्षेत्र में रहने वाले लोग कब बेघर हो जाएंगे, कब वह जमीन में चले जाएंगे, इसकी चिंता से रात भर सो नहीं पाते. लगातार धंसान की घटनाएं हो रही है. हाल ही में छाताबाद में दर्जनों घरों के जमीन में समा जाने की घटना को लोग अभी भूले भी नहीं है. इस साल जनवरी से अब तक धनबाद जिले में करीब दो दर्ज़न से अधिक छोटी-बड़ी भू-धंसान की घटनाएं सामने आ चुकी हैं. इनमें बड़ी संख्या पिछले तीन से चार महीनों के दौरान हुई हैं.
कोयलांचल में मानसून की बारिश के दौरान भूमिगत खोखले हिस्सों में पानी रिसने से जमीन के धंसने का खतरा बढ़ जाता है. इसके अलावा दशकों से जल रही भूमिगत कोयला खदानों की आग वाले क्षेत्रों में भी जमीन कमजोर होने का खतरा बना रहता है. वहीं, धनबाद में अवैध खनन को भी भू-धंसान की घटनाओं का एक प्रमुख कारण माना जाता है. अगर हाल की बड़ी घटनाओं पर नजर डालें तो अगस्त और सितंबर में कई गंभीर मामले सामने आए हैं. 17 अगस्त 2026 को गोधर में घरों के पास तेज धमाके के साथ जमीन फट गई थी. इसके बाद जमीन पर दरारें बढ़ने लगीं, जिसके कारण आसपास के घरों को खाली कराया गया. हालांकि, इस घटना में किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं थी.
6 अगस्त 2026 को छाताबाद में हुई घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया था. इस हादसे में दर्जनभर से अधिक घर पूरी तरह नष्ट हो गए, जबकि करीब 12 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे. 31 अगस्त 2026 को लकड़का , 6 नंबर, कतरास में घास चर रही एक गाय अचानक जमीन धंसने से बने गहरे गड्ढे में समा गई. इसी दिन, लिलोरी पथरा, झरिया के लोना क्षेत्र में भूमिगत धमाके के बाद एक घर के सामने बड़ा गोफ बन गया. इस घटना में घर का एक हिस्सा सीधे जमीन के अंदर समा गया. इसके बाद क्षेत्र के करीब 182 परिवारों पर खतरा मंडराने लगा और प्रभावित परिवार तत्काल विस्थापन की मांग कर रहे हैं. 4 सितंबर 2026 को केंदुआ स्थित कुर्मीडीह पांडे बस्ती के घनी आबादी वाले अग्नि प्रभावित क्षेत्र के पास अचानक दो बड़े गोफ बन गए. इन जगहों से लगातार जहरीली गैस और धुएं का रिसाव होने लगा, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई थी.