सूर्यदेव  सिंह परिवार को हाई कोर्ट से बड़ी राहत,जमसंघ निबंधन के खिलाफ दायर याचिका ख़ारिज ,अब आगे क्या 

सूर्यदेव  सिंह परिवार को हाई कोर्ट से बड़ी राहत,जमसंघ निबंधन के खिलाफ दायर याचिका ख़ारिज ,अब आगे क्या

धनबाद(DHANBAD):माननीय उच्च न्यायालय ने ‘जनता मजदूर संघ’ के निबंधन के खिलाफ दायर याचिका को खारिज करते हुए हमारे पक्ष में  फैसला सुनाया है. स्वर्गीय सूर्यदेव सिंह जी द्वारा स्थापित और निरंतर मजदूरों के हितों के लिए समर्पित ‘जनता मजदूर संघ’ की वैधता को न्यायालय ने पूरी तरह बरकरार रखा है.  विरोधियों के हर षड्यंत्र का जवाब न्यायपालिका ने सत्य और ईमानदारी से दिया है.  इस फैसले के लिए माननीय उच्च न्यायालय का सहृदय आभार और समस्त संघ सदस्यों व समर्थकों को हार्दिक बधाई! यह कहना है कि सूर्यदेव सिंह के पुत्र सिद्धार्थ गौतम का. 

रजिस्ट्रार  से  राहत नहीं मिलने के बाद  मामला हाई कोर्ट पहुंचा

दरअसल, कोयलांचल में जनता मजदूर संघ( कुंती) और जनता मजदूर संघ (बच्चा) गुट के  नाम से समानांतर यूनियन चल रही है.  जानकारी के अनुसार जुलाई 2021 में जनता मजदूर संघ कुंती गुट  ने पुनर्निबंधन  के लिए रजिस्ट्रार  कार्यालय में आवेदन किया था.  इसके बाद विरोधी गुट ने  रजिस्ट्रार  के समक्ष आवेदन देकर रजिस्ट्रेशन रद्द करने की मांग की थी.  रजिस्ट्रार  से कोई राहत नहीं मिलने के बाद यह मामला हाई कोर्ट पहुंचा था.  हाई कोर्ट ने जनता मजदूर संघ, कुंती गुट   के पुनर्निबन्धन  को सही माना है.  इसके साथ ही पुनः निबंधन  को चुनौती देने वाली रिट  याचिका को खारिज कर दिया है. 

समानांतर संगठन की याचिका हो गई है ख़ारिज 
 
सूत्रों के अनुसार जुलाई 2021- में श्रम विभाग से जनता मजदूर संघ का पुनः निबंधन कराया गया था.  इसके खिलाफ समानांतर संगठन चला रहे पूर्व मंत्री (अब स्वर्गीय) बच्चा सिंह ने झारखंड हाई कोर्ट में रिट याचिका दायर  कर पुनर्निबन्धन  को असंवैधानिक बताते हुए निबंधन  रद्द करने की मांग की थी.  मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया है. 

देश के प्रधानमंत्री के हाथ भी रह चुकि है यूनियन की कमान

उल्लेखनीय है कि जनता मजदूर  संघ का अपना एक इतिहास है. प्रधनामंत्री हों या मुख्यमंत्री ,कई धनबाद में संचालित मजदूर यूनियन के अध्यक्ष रह चुके है. देश के पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर भी धनबाद कोयलांचल में संचालित मजदूर यूनियन के अध्यक्ष रहे थे. .  यह समय रहा होगा 1977 का.  दरअसल, 1977 में जब सूर्यदेव सिंह राष्ट्रीय कोलियरी  मजदूर संघ से अलग होकर अपना मजदूर संगठन जनता मजदूर संघ बनाया, तो इसके अध्यक्ष चंद्रशेखर को बनाया गया था.  चंद्रशेखर के साथ सूर्यदेव सिंह के मधुर  रिश्ते जग जाहिर थे.  चंद्रशेखर चार साल तक जनता मजदूर संघ के अध्यक्ष रहे.  सूर्यदेव सिंह महामंत्री थे और एके झा संयुक्त महामंत्री रहे. 

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री सत्येंद्र नारायण सिंह भी रह चुके हैं यूनियन के अध्यक्ष 

 बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री सत्येंद्र नारायण सिंह भी सूर्यदेव सिंह गठित जनता मजदूर संघ के अध्यक्ष रह चुके थे.  1977 में जब जनता मजदूर संघ का गठन हुआ तो संघ के सफल संचालन के लिए संयुक्त महामंत्री एके झा को महामंत्री के लिए अधिकृत कर दिया गया और यह यूनियन चल निकली.  राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर संघ से सूर्यदेव सिंह के अलग होने की कहानी भी रोचक बताई जाती है.  कहा जाता है कि 1977 के आसपास राष्ट्रीय कोलियरी  मजदूर संघ के महामंत्री और पूर्व सांसद रामनारायण शर्मा की कुस्तौर  में सभा हो रही थी.  सभा करने के लिए सूर्यदेव सिंह ने मना किया था.  क्योंकि कुस्तौर  इलाका उनका  गढ़ था.  बावजूद सभा आयोजित हुई, इसके बाद सूर्यदेव सिंह के लोगों ने सभा स्थल पर पहुंचकर शामियाने  की  रस्सी को काट दिया.  नतीजा हुआ कि भगदड़ मच गई और सभा में बिघ्न  पैदा हो गया.  उसके बाद सूर्यदेव सिंह ने जनता मजदूर संघ का गठन किया.