बैंक में ताले, सड़क पर कर्मचारी! आखिर क्या है डिमांड, क्या है आगे की चेतावनी ? जानिए
धनबाद में बैंक कर्मचारियों की देशव्यापी हड़ताल से बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहीं. यूनियनों ने 5 दिन की बैंकिंग व्यवस्था समेत कई मांगें उठाईं और आगे हड़ताल की चेतावनी दी.
धनबाद (DHANBAD): बैंक कर्मचारियों की देशव्यापी हड़ताल का असर धनबाद समेत झारखंड में भी देखने को मिला है. यूनाइटेड फोरम ऑफ़ बैंक यूनियंस ( UFBU) के आह्वान पर राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मचारी और अधिकारी हड़ताल में शामिल हुए. इसके कारण बैंक शाखाओं में रोजमर्रा का कामकाज प्रभावित रहा. ऐसे में कई लोग बैंक पहुंच रहे हैं और ताला लटका देखा मायूस होकर लौट रहे हैं. हड़ताल करने का सबसे मुख्य बड़ा करण सप्ताह में 5 दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करना है.
बैंक यूनियनों का कहना है कि बैंक कर्मचारियों के लिए सोमवार से शुक्रवार तक काम और शनिवार, रविवार अवकाश की व्यवस्था लागू की जानी चाहिए. यूनियनों के मुताबिक मार्च 2024 में भारतीय बैंक संघ के साथ हुए समझौते में पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था का प्रस्ताव शामिल था, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया है. दूसरा मुख्य कारण PLI व्यवस्था को लेकर भी नाराजगी है. कर्मचारी परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव यानी PLI की मौजूदा व्यवस्था में बदलाव चाहते हैं. यूनियन का आरोप है कि मौजूदा ढांचा सभी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए समान नहीं है.
उनकी मांग है कि PLI को बैंक के समग्र प्रदर्शन से जोड़ा जाए और इसके नियमों को कर्मचारियों के संगठनों के साथ बातचीत करके तय किये जाय इसके अलावा वेतन, पेंशन और कर्मचारियों से जुड़े दूसरे लंबित मामलों के समाधान की मांग भी आंदोलन का अन्य मुख्य कारण हैं. हड़ताल के दौरान मुख्य रूप से ब्रांच स्तर की सेवाएं प्रभावित हुई. 11 सितंबर की हड़ताल के बाद बैंक कर्मचारियों का आंदोलन खत्म नहीं हुआ है. यूनियनों के अनुसार 28, 29 और 30 सितंबर को 3 दिवसीय देशव्यापी हड़ताल का भी ऐलान किया है. यह समय बैंकों के अर्धवार्षिक वित्तीय समापन से जुड़ा होने के कारण बैंकिंग कामकाज पर इसका असर ज्यादा पड़ सकता है. यूनियनों की ओर से मांगे पूरी नहीं होने से 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी भी दी गई है. धनबाद में बैंकिंग कामकाज 14 सितंबर यानी सोमवार से फिर शुरू होगी.