धनबाद रेलवे स्टेशन पर फिर बरामद हुए जीवित कछुए,आखिर गिरोह तक क्यों नहीं पहुंच पाती पुलिस?

धनबाद होकर चलने वाली ट्रेनें वन्य जीव तस्करी का बड़ा साधन बन गई हैं. धनबाद रेलवे स्टेशन पर फिर एक बार कछुए बरामद किए गए है. धनबाद रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल ने यह बारामदगी की है.

धनबाद रेलवे स्टेशन पर फिर बरामद हुए जीवित कछुए,आखिर गिरोह तक क्यों नहीं पहुंच पाती पुलिस?

धनबाद(DHANBAD): धनबाद होकर चलने वाली ट्रेनें  वन्य जीव तस्करी का बड़ा साधन बन गई हैं.  धनबाद रेलवे स्टेशन पर फिर एक बार कछुए बरामद किए गए है.  धनबाद रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल ने यह बारामदगी  की है.  कछुए  लावारिस बैग और थैलों  में रखे गए थे.  बरामद कछुओं को वन विभाग को सौंप दिया गया है.  

आरपीएफ की जानकारी में बताया गया है कि वरीय  मंडल सुरक्षा आयुक्त  के निर्देश पर प्रभारी निरीक्षक आरपीएफ  पोस्ट, धनबाद के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने 11 -12 सितंबर की रात  अभियान चला रही थी.  इसी दौरान ट्रेन संख्या 13010 योग नगरी ऋषिकेश हावड़ा दून एक्सप्रेस के धनबाद स्टेशन पर पहुंचने पर उसकी जांच की गई.  जांच के दौरान इंजन से दूसरे जनरल कोच में दो थैली और दो पिठू बैग  लावारिस हालत में मिले. यात्रियों से पूछताछ की गई, लेकिन किसी ने अपना दावा नहीं किया. 

फिर बैगों  को उतार कर जांच की गई. तलाशी के दौरान एक थैली में 31, दूसरे बैग में 16, तीसरी बैग  में 19 और चौथे बैग  में 12 जीवित कछुए बरामद हुए.  इस तरह कुल 78 छुए जब्त  किए गए.आरपीएफ ने सभी कछुओं को जब्त  कर वन विभाग को सौंप दिया है.  इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. उल्लेखनीय है कि जब-जब अभियान चलाया जाता है, ट्रेनों से कछुए बरामद किए जाते हैं.  जानकारी के अनुसार पिछले महीने गोमो और धनबाद के बीच दून एक्सप्रेस के महिला कोच में छापेमारी कर 100 से अधिक कछुए बरामद किए गए थे.  यह सब कछुए लावारिस  बागों में भरकर ले जाए जा रहे थे.