Jharkhand BJP Politics: क्या भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की मौजूदगी में बनेगी चार वोटों के जुगाड़ की रणनीति
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का 6-7 जून का झारखंड दौरा कई राजनीतिक संकेत दे रहा है. रांची में होने वाली बैठकों में संगठनात्मक विवादों को सुलझाने, कार्यकर्ताओं में ऊर्जा भरने, 2029 की सत्ता वापसी की रणनीति बनाने और राज्यसभा चुनाव की तैयारियों पर चर्चा होने की संभावना है. धनबाद सहित कई जिलों में चल रहे संगठनात्मक विवादों के बीच नेतृत्व एकजुटता और अनुशासन पर भी कड़ा संदेश दे सकता है.
TNP DESK- भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन क्या झारखंड में सत्ता वापसी की योजना तैयार करने पहुंच रहे है या संगठन को गतिशील करने अथवा राज्य सभा चुनाव की रणनीति बनाने ? क्या वह कार्यकर्ताओं से मिलकर 202 9 के लिए कुछ महत्वपूर्ण टिप्स देंगे? क्या भाजपा नेताओं में एकजुटता के लिए कुछ कठोर बातें कहेंगें? यह सब सवाल इसलिए उठ रहे है कि झारखंड की भाजपा में धनबाद सहित कई जिलों में विवाद चल रहा है.
ज़िले के कई संगठनो में चल रहा विवाद
भाजपा के नेता और कार्यकर्ता आपस में ही लड़ रहे है. इस वजह से पार्टी की किरकिरी हो रही है. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन 6 और 7 जून को रांची में पार्टी के नेताओं, कार्यकर्ताओं, सांसद और विधायकों के साथ बैठक करेंगें। वैसे तो विधानसभा के चुनाव में 3 साल की देरी है, लेकिन 202 9 में कैसे सत्ता में वापसी की जाए, इस पर अभी से ही तैयारी शुरू हो गई है. यह बात भी सच है कि नितिन नवीन के झारखंड दौरे से कार्यकर्ताओं में उत्साह है.
सरकार की खामियों को लेकर जनता के बीच जाने का निर्देश मिलेगा
भाजपा केंद्रीय नेतृत्व भी गठबंधन की सरकार की विफलताओं को लेकर जनता के बीच जाने का निर्देश दिया है. बिजली, पानी और किसानों के मुद्दे पर भाजपा ने आंदोलन किया था. अब भ्रष्टाचार और कानून -व्यवस्था के खिलाफ आंदोलन की तैयारी है. राष्ट्रीय अध्यक्ष के दौरे के बाद इसकी तारीख तय की जाएगी। यह बात भी सच है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के रांची में रहते ही राज्यसभा चुनाव की तैयारी की गमगामी भी रहेगी। भाजपा ने एक सीट पर प्रत्याशी देने की घोषणा की है. एनडीए घटक दल में 24 विधायक हैं, जबकि राज्यसभा के प्रत्याशी की जीत के लिए 28 वोट चाहिए। नितिन नवीन के रांची में रहने के दौरान बाकी के चार वोट के लिए कोई योजना बन सकती है.