अचानक धनबाद पहुंचीं झालसा सदस्य सचिव! लीगल एड क्लिनिक से लेकर PLV के कामकाज तक का लिया जायजा
धनबाद में झालसा की सदस्य सचिव रंजना अस्थाना ने औचक निरीक्षण कर कानूनी सहायता व्यवस्था और PLV के कामकाज की समीक्षा की. अधिकारियों ने लाभुकों की समस्याएं भी सुनीं.
धनबाद (DHANBAD): झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (झालसा) की सदस्य सचिव रंजना अस्थाना एवं उप सचिव अभिषेक कुमार सोमवार को औचक निरीक्षण के लिए धनबाद पहुंचे. उनके साथ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार धनबाद निकेश कुमार सिन्हा भी मौजूद रहे. झालसा के पदाधिकारियों ने जिले में विधिक सेवा गतिविधियों का जायजा लेते हुए पैरालीगल वॉलंटियर्स (पीएलवी) के कार्यों का निरीक्षण और समीक्षा की. उन्होंने पीएलवी द्वारा आम लोगों को उपलब्ध कराई जा रही कानूनी सहायता, विधिक जागरूकता तथा सरकारी योजनाओं से जोड़ने के प्रयासों की जानकारी ली.
इस दौरान अधिकारियों ने सैकड़ों लाभुकों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनीं, लाभुकों से यह भी जानकारी ली गई कि उन्हें सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ समय पर मिल रहा है अथवा नहीं. अधिकारियों ने जरूरतमंद लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित स्तर पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए. जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सह अवर न्यायाधीश मयंक तुषार टोपनों ने बताया कि झारखंड विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारियों ने निरीक्षण के क्रम में जिले के विभिन्न स्थानों पर स्थापित लीगल एड क्लिनिकों का भी जायजा लिया गया.
यहां आने वाले लाभुकों को प्रदान की जा रही निःशुल्क विधिक सहायता, मामलों की स्थिति तथा क्लिनिक के माध्यम से लोगों तक पहुंच रही सेवाओं की जानकारी ली गई. झालसा सदस्य सचिव रंजना अस्थाना ने कहा कि विधिक सेवा का मूल उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और निःशुल्क कानूनी सहायता की पहुंच सुनिश्चित करना है. उन्होंने पीएलवी को आम लोगों के बीच सक्रिय रूप से कार्य करते हुए जरूरतमंदों को उनके अधिकारों एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर दिया।औचक निरीक्षण के दौरान विधिक सेवा से जुड़े पदाधिकारियों एवं कर्मियों को विधिक सहायता व्यवस्था को और प्रभावी एवं जनोन्मुख बनाने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए.