BCCL में संडे ड्यूटी पर लगेगी कैंची? नेताओं की नेतागिरी पर नकेल, अफसरों पर भी गिर सकती है गाज!
BCCL में संडे ड्यूटी पर सख्ती बढ़ा दी गई है. जरूरी सेवाओं को छोड़कर रविवार को कर्मचारियों की ड्यूटी के लिए अब वरिष्ठ अधिकारियों की मंजूरी अनिवार्य होगी. कंपनी खर्च में बड़ी बचत की तैयारी में है.
धनबाद (DHANBAD): सूत्रों पर भरोसा करें तो कोल इंडिया की सबसे बड़ी इकाई बीसीसीएल में संडे ड्यूटी पर कैंची चलाकर कंपनी 80 से 100 करोड रुपए तक की बचत करने की योजना पर काम कर रही है. कंपनी ने संडे ड्यूटी पर कड़ाई कर दी है और यह लगभग बंद हो गया है. सिर्फ उन्हीं जगहों पर कर्मचारी संडे ड्यूटी कर सकते हैं, जहां बहुत जरूरी होगा. कंपनी के निशाने पर श्रमिक संगठन से जुड़े कर्मचारी भी हैं. यह अलग बात है कि बीसीसीएल में काम करने वाले कई कर्मचारी कहने को तो एम्प्लॉयी होते, लेकिन वह फुल टाइम पॉलिटिक्स करते है. ऐसे लोग भी संडे ड्यूटी का उपयोग करते है.
कोल इंडिया की सबसे बड़ी और सबसे महत्वपूर्ण इकाई बीसीसीएल में एक बड़ा फैसला लिया गया है. यह फैसला रविवार ड्यूटी से जुड़ा हुआ है. अब रविवार की ड्यूटी पर लगभग रोक लगा दी गई है. बहुत जरूरी होने पर ही रविवार की ड्यूटी लगाई जा सकती है. लेकिन इसके लिए वरीय अधिकारियों की अनुमति लेनी होगी. दरअसल, सूत्र बता रहे हैं कि कुछ ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां 100% से भी अधिक कर्मियों की रविवार को ड्यूटी लगाई गई है. यह आंकड़ा कहीं 90% है तो कहीं 60 से 70% कर्मियों की रविवार को ड्यूटी लगाई गई है और उसका भुगतान किया गया है. सूत्र बताते हैं कि 23 अगस्त से इस पर रोक लगा दी गई है.
बताया जाता है कि एवरेज 22,752 कर्मियों की उपस्थिति के मुकाबले रविवार को 13,000 से अधिक कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है. यह आंकड़ा चौंकाने वाला है. रविवार की ड्यूटी पर पूरी तरह से प्रतिबंध नहीं लगाया गया है लेकिन आवश्यक सेवाओं के लिए इसके लिए वरीय अधिकारियों से अनुमति लेनी पड़ेगी. सूत्रों के अनुसार जरूरी होने पर कर्मचारियों को ड्यूटी करने के लिए संबंधित अधिकारियों की सिफारिश के साथ पूर्व अनुमति अनिवार्य होगी. एरिया स्तर पर मैनपावर की तैनाती के लिए संबंधित एरिया के महाप्रबंधक से मंजूरी लेनी होगी. बीसीसीएल मुख्यालय के विभागों में कर्मचारियों को रविवार को काम पर लगाने के लिए संबंधित निदेशक की पूर्व स्वीकृति आवश्यक होगी. सूचना के मुताबिक बिना मंजूरी रविवार को कर्मचारियों से काम कराने पर प्रबंधन ने कार्रवाई की चेतावनी दी है.जानकार तो यह भी बता रहे है कि पूरे सिस्टम की समीक्षा हो रही है. कुछ अधिकारियो पर गाज भी गिर सकती है.