धनबाद में भाजपा की तिरंगा यात्रा में पार्टी का अनुशासन कैसे हुआ तार-तार, अनुशासन टूटा तो जिला अध्यक्ष ने उठाया बड़ा कदम
धनबाद में भाजपा की तिरंगा यात्रा के दौरान दो कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट हो गई. विवाद का वीडियो सामने आने के बाद पार्टी में चर्चा तेज है. जिलाध्यक्ष श्रवण राय ने मामले की जांच की बात कही है.
धनबाद (DHANBAD): धनबाद में भाजपा की तिरंगा यात्रा महानगर जिला अध्यक्ष की मौजूदगी में रणक्षेत्र में बदल गई. एक महिला और पुरुष कार्यकर्ता में ऐसी मारपीट हुई कि महानगर अध्यक्ष भी भौचंक रह गए. पार्टी का अनुशासन पूरी तरह से तार-तार हो गया. भाजपा की ओर से गुरुवार को धनबाद में आयोजित तिरंगा यात्रा के दौरान पार्टी के दो कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट हो गई. घटना जिला परिषद मैदान से यात्रा के निकलने के दौरान हुई. तिरंगा यात्रा जिला परिषद मैदान से शुरू होकर रणधीर वर्मा चौक होते हुए सिटी सेंटर तक निकालनी थी. यात्रा का नेतृत्व भाजपा जिलाध्यक्ष श्रवण राय कर रहे थे.
यात्रा शुरू होते ही भाजपा कार्यकर्ता अमरजीत कुमार और रीता यादव के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया. देखते ही देखते दोनों के बीच हाथापाई शुरू हो गई,फिर तो मारपीट भी शुरू हो गई. घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दोनों एक-दूसरे से मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं. वीडियो में रीता यादव पास में रखे डंडा उठाकर अमरजीत कुमार पर हमला करने का प्रयास करती हुई भी नजर आ रही हैं.
अमरजीत कुमार ने आरोप लगाया कि रीता यादव ने उनसे कहा कि उनके कहने पर रैली निकाली गई है. अमरजीत के अनुसार, इस दौरान उन्हें गाली भी दी गई. उन्होंने रीता यादव से भाषा पर संयम रखने को कहा और स्पष्ट किया कि रैली भाजपा जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में निकाली जा रही है. ऐसे में उनके कहने पर रैली निकाले जाने का सवाल ही नहीं है. इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया और आरोप है कि रीता यादव ने उन पर हमला कर दिया.
अमरजीत का यह भी आरोप है कि पास में रखे डंडे से उन्हें मारने का प्रयास किया गया. घटना के बाद पार्टी के अन्य कार्यकर्ताओं ने बीच-बचाव कर दोनों को अलग कराया. हालांकि, इसके बाद तिरंगा यात्रा अपने निर्धारित मार्ग पर आगे बढ़ती रही. मामले को लेकर भाजपा जिलाध्यक्ष श्रवण राय ने कहा कि कार्यकर्ताओं के बीच कभी-कभी छोटी-मोटी कहासुनी या ऊंच-नीच हो जाती है. दोनों पक्षों को समझा दिया गया है. विवाद किस वजह से हुआ, इसकी जांच कराइ जा रही है. जांच के बाद ही मामले की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी.