धनबाद(DHANBAD): झरिया के घनुडीह में सिंह मेंशन और रघुकुल समर्थकों में हुई मारपीट और हवाई फायरिंग के मामले में अब सांसद ढुल्लू महतो की भी एंट्री हो गई है. मतलब है कि यह मामला अब राजनीतिक रूप लेगा. मेयर संजीव सिंह और ढुल्लू महतो ग्रामीणों के पक्ष में दिख रहे है. जाहिर है आउट सोर्स कंपनी पर दवाब बढ़ेगा. बुधवार को मेयर संजीव सिंह घनुडीह पहुंचे थे तो शाम को संसद ढुल्लू महतो भी पहुंचे और कहा कि झारखंड में कानून- व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है. धनबाद भी इससे कम प्रभावित नहीं है.
बुधवार को हुआ था विवाद
दरअसल, बुधवार की सुबह सिंह नेचुरल आउटसोर्सिंग परियोजना के विस्तार को लेकर बवाल हो गया था. कंपनी द्वारा बस्ती के समीप ओवर बर्डन डंप किए जाने और जमीन बराबर करने के लिए मशीन से काम का ग्रामीणों ने विरोध किया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर कंपनी समर्थकों ने उनके साथ मारपीट की और हवाई फायरिंग की. इसके बाद जमकर लाठी डंडे और पत्थर बाजी हुई. जिसमें कुछ लोग चोटिल हो गए. घटना की सूचना पर पुलिस पहुंची और दोनों गुटों को वहां से खदेड़ा, लोगों ने पुलिस को एक खोखा भी दिखाया। लेकिन पुलिस गोली चालन की घटना से इनकार कर रही है.
मेयर पहुचें तो ग्रामीणों ने क्या बताया
इसकी सूचना पर धनबाद के मेयर संजीव सिंह घटनास्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की थी. उन्होंने तत्काल प्रभाव से ओबी डंपिंग का काम रुकवा दिया. उन्होंने सवाल किया कि ग्रामीणों की आपत्ति के बावजूद बस्ती के पास मशीन कैसे चल रही हैं? ग्रामीणों के साथ मारपीट और फायरिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हालांकि यह बात उन्होंने कहा कि पुलिस अगर समय पर नहीं पहुंचती तो बड़ी घटना हो सकती थी. मेयर का कहना है कि यहां पुरानी जोरिया है, जिसके पानी का उपयोग ग्रामीण करते है. वहां भी डंपिंग कर सब कुछ बर्बाद किया जा रहा है. इस इस मामले में शिकायत की गई है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
सांसद ढुल्लू महतो पहुंचे तो क्या हुआ
इस बीच धनबाद के सांसद ढुल्लू महतो भी भी शाम को घटनास्थल पर पहुचें। घटना की पूरी जानकारी ली, उन्होंने राज्य सरकार और जिला प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि कानून -व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है. आउटसोर्सिंग कंपनियों के संरक्षण में गरीबों की जमीन पर जबरन कब्जा किया जा रहा है. विरोध करने वालों को डराने धमकाने के लिए गोलीबारी जैसी घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है. जिला प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है. सांसद में कहा कि अगर ग्रामीणों को डराने धमकाने वाले जल्द से जल्द गिरफ्तार नहीं किए गए, तो बड़ा आंदोलन होगा। दरअसल, कोयलांचल में ओबी डंपिंग बड़ी समस्या बनती जा रही है. रैयतों की जमीन पर भी ओबी डंप करने की शिकायतें लगातार मिल रही है. ऐसे में बीसीसीएल प्रबंधन पर सवाल खड़े हो रहे हैं.

