मिसिर बेसरा दस्ते ने 2001 में धनबाद के तोपचांची में खेला था खूनी खेल,13 जवान हुए थे शहीद, पढ़िए पूरी स्टोरी

मिसिर बेसरा दस्ते ने 2001 में धनबाद के तोपचांची में खेला था खूनी खेल,13 जवान हुए थे शहीद, पढ़िए पूरी स्टोरी

धनबाद(DHANBAD):  इनामी नक्सली मिसिर  बेसरा की गिरफ्तारी के पहले उस पर प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से घटनाओं में शामिल होने के मुकदमों की सूची  बहुत लंबी है. 31  अक्टूबर 2001 में धनबाद के तोपचांची में 13 जैप  जवानों की निर्मम हत्या के मामले में भी उसका नाम आया था.  इस हत्याकांड में तेरह  जवानों की हत्या कर हथियार लूट लिए गए थे.  यह  घटना बड़ी घटना थी और बड़े  ही शातिराना  अंदाज में इस घटना को  अंजाम दिया गया था.  

कुल तेरह जवानो की हत्या कर लूट लिए गए थे हथियार 

बताया जाता है कि अक्टूबर 2001 में तोपचांची  प्रखंड कार्यालय में जवान ठहरे हुए थे.  उस समय तोपचांची  उग्रवाद प्रभावित इलाका था.  जवानों की प्रतिनियुक्ति की गई थी.  कहा जाता है कि खरीदार के भेष में बुधनी हटिया पहुंचा उग्रवादियों का दस्ता सीधे जवानों के बैरक में घुस गया और आराम कर रहे जवानों को बिना कुछ समय दिए उनकी हत्या कर दी.  यह हत्या  तेज धारदार हथियार से की गई थी.  हत्या करने के बाद जवानों के हथियार लूट लिए गए थे और तोपचांची  प्रखंड कार्यालय के पीछे से नक्सलियों का दस्ता फरार हो गया था. 

महिला दस्ते को आगे कर दिया गया था घटना को अंजाम 

 इस घटना के बाद तो झारखंड में तहलका मच गया था.  एक साथ तेरह   जवानों की हत्या हुई थी . एक  महिला नक्सली का भी नाम आया था.  लोग बताते हैं कि सभी जवान गोविंदपुर जैप  के थे.  प्रखंड कार्यालय के पास ही तोपचांची  बुधनी हटिया लगी हुई थी.  हटिया में दूर दराज से लोग  खरीदारी करने आये हुए थे.  नक्सलियों का दस्ता भी खरीदार  के भेष  में वहां पहुंचा और फिर रेकी करने के बाद धड़ाधड़ महिला दस्ता को आगे कर जवानों के बैरेक  में घुस गया था.  जवान अभी कुछ समझ पाते, तब तक बड़ी घटना हो गई थी.  यह घटना दिन दोपहर हुई थी. जानकार बताते हैं कि  31 अक्टूबर 2001 को तोपचांची  प्रखंड कार्यालय परिसर के बैरेक  में नक्सलियों के दस्ते ने 20 मिनट में तेरह   जवानों की हत्या कर दी थी.