धनबाद में ईडी रेड : बढ़ेगा जांच का दायरा तो लोडिंग पॉइंट का वसूली सिंडिकेट भी आ सकता है निशाने पर 

धनबाद में ईडी रेड : बढ़ेगा जांच का दायरा तो लोडिंग पॉइंट का वसूली सिंडिकेट भी आ सकता है निशाने पर

धनबाद(DHANBAD):  धनबाद में कोयले के अवैध कारोबारी और लोडिंग पॉइंट पर रंगदारी वसूलने वालों में प्रवर्तन निदेशालय का भय  साफ-साफ दिख रहा है.  हो सकता है कि कोयल का डिलीवरी आर्डर(डीओ ) जारी होने के बाद कोल् डम्पों  से कोयला उठाव  में  प्रतिदिन के हिसाब से वसूली करने वाले दबंग और सिंडिकेट के लोग अब एजेंसी के रडार पर आ जाए. उल्लेखनीय है कि बीसीसीएल में एरिया के हिसाब से कोयला उठाव  पर रंगदारी तय है.  इसका खुलासा कई मौको  पर होता रहा है.  हर कोलियरी के कोयले पर अलग-अलग रंगदारी की दर तय है.  यह पैसा रंगदारों के सिंडिकेट द्वारा वसूला  जाता है.  

प्रवर्तन निदेशालय ने अधिकृत जानकारी में बताया कि 

अभी हाल की छापेमारी के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने जो अधिकृत जानकारी दी है, उसमें बताया गया है कि --प्रवर्तन निदेशालय (ईडी ) रांची जोनल कार्यालय ने अनिल गोयल, एलबी सिंह, हरेंद्र चौहान और अन्य के मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) 2002 के प्रावधानों के तहत 28.7.26 को धनबाद झारखंड में स्थित 31 परिसरों में तलाशी और जब्ती  अभियान चलाया।  तलाशी में  लिए गए परिसरों में उपयुक्त  व्यक्तियों के सहयोगी, रिश्तेदार, संस्थाएं व उनके निर्देशक शामिल है.  जिनमे  गणेश यादव, पप्पू मंडल, रोहित यादव, माधव सिंह आदि शामिल हैं.  ईडी  ने झारखंड पुलिस द्वारा उक्त व्यक्तियों पर धनबाद और आसपास के जिलों में अवैध कोयला खनन , अवैध रूप से खनन किए गए या चोरी  के कोयले की तस्करी, कोयला उठाने के लिए रंगदारी  वसूलने व अन्य संबंधित अवैध गतिविधियों जैसे अपराधों में शामिल होने के आरोप में दर्ज  विभिन्न प्राथमिकियों  के आधार पर उपरोक्त  व्यक्तियों के विरुद्ध जांच शुरू की है. 

पुलिस की एफआईआर और आरोप पत्र बना आधार 

 पुलिस ने विभिन्न मामलों में आरोप पत्र भी दायर किए हैं.  पीएमएलए के तहत जाँच  से पता चला है कि उक्त व्यक्तियों ने  अनुसूचित अपराध करके बड़ी मात्रा में अपराध से अर्जित आय हासिल की है.  इस प्रक्रिया में उन्होंने इस आय  को इधर-उधर घुमाने ( लेयरिंग) और इसे वैध श्रोत   से आया हुआ दिखाने के लिए कई संस्थानों और लोगों का इस्तेमाल किया. बाद में अपराध से अर्जित आय का इस्तेमाल चल व अचल सम्पति खरीदने में किया.  तलाशी अभियान के दौरान एलबी सिंह द्वारा म्युचुअल फंड में किए गए लगभग 160 करोड रुपए के निवेश को फ्रीज कर दिया गया और 1.02 करोड रुपए की बेहिसाब नगदी भी जब्त  की गई.  

कई अहम्  अपराध -संकेती सबूत मिलने का दावा 

इस तलाशी अभियान में कई अहम्  अपराध -संकेती सबूत भी मिले ,जिन में 200 से ज्यादा अचल संपत्तियां (जिनके  के बारे में शक है कि वह अपराध से अर्जित आय से खरीदी गई थी) से जुड़ी जानकारी ,डेटा , डिजिटल डिवाइस और उन संस्थाओं के बुक ऑफ अकाउंट शामिल है.  जिन्हें उक्त व्यक्ति नियंत्रित करते थे.  इससे पहले नवंबर 2025 में संबंधित मामलों में तलाशी ली गई थी.  जिसमें अनिल गोयल ,एलबी  सिंह व संबंधित व्यक्तियों, संस्थाओं के ठिकानों पर छापेमारी की गई थी.