धनबाद: धनबाद में प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई के बाद कोयले के अवैध धंधेबाजों के मुखौटा बने लोगों की परेशानी बढ़ सकती है. नवंबर 25 में ईडी ने झारखंड और बंगाल में छापेमारी की थी. उस छापेमारी में ईडी को डायरी और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस मिले थे. उस डिवाइस ने मंगलवार की छापेमारी की पटकथा लिखी होगी.
मंगलवार से कोयलांचल में एक अजीब किस्म की सनसनाहट है .ईडी की टीम ने लगभग दो दर्जन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की .देर रात तक 500 करोड़ की संपत्तियों की जानकारी मिली है. 150 करोड़ की संपत्ति जब्त किए जाने की सूचना है .हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है. भारी कैश भी बरामद होने की बात कही जा रही है.
बड़े पैमाने पर म्युचुअल फंड, बैंकों में जमा राशि ,रियल स्टेट की खरीद बिक्री से जुड़े कागजात जब्त किए जाने की सूचना है .कई शहरों में रियल एस्टेट में निवेश से जुड़े सेल डीड भी जब्त हुए हैं .पश्चिम बंगाल के भी कई ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय ने कार्रवाई की है. बताया जाता है कि एक ठिकाने पर तो ईडी की टीम के सामने ही एक अवैध कोयला कारोबारी लूंगी गंजी पहनकर निकल गया .टीम उसे पहचान नहीं सकी. हालांकि वहां कई घंटे तक जांच पड़ताल हुई है.
मंगलवार को ईडी के टीम कई जगहों पर दूसरी बार भी पहुंची और जांच पड़ताल की. मंगलवार की छापेमारी को जीरो कोल लीकेज अभियान से भी जोड़कर देखा जा रहा है. 8 महीने के बाद ईडी के फिर रुख करने से कोयले के अवैध धंधे में सफेदपोश बने लोगों की बेचैनी बढ़ गई है. हो सकता है कि जांच जैसे-जैसे आगे बढ़े, नए और बड़े खुलासे हो.

