धनबाद (DHANBAD): धनबाद के निरसा में 400 करोड़ रुपए का एलिवेटेड फ्लाईओवर अब बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है. सांसद ढुल्लू महतो और निरसा के माले विधायक अरूप चटर्जी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है. सांसद का कहना है कि अरुप चटर्जी अनुकंपा के विधायक हैं. इसलिए उन्हें जनता की परेशानी से कोई मतलब नहीं है.
सरकारी योजना में बाधा डालने वालों पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए. दूसरी और अरूप चटर्जी का कहना है कि निरसा में माफिया बाद को पनपने नहीं देंगे. कोई माफिया चाहेगा कि दूर से बैठकर यहां चहेते लोकल दबंगों को काम दिलाएंगे, तो यह नहीं होने दिया जाएगा. अब सच्चाई जो भी हो लेकिन सांसद ढुल्लू महतो और विधायक का अरूप चटर्जी के बीच जंग छिड़ गई है.
क्रेडिट की लड़ाई भी शुरू हो गई है .वैसे भी कोयलांचल में काम का श्रेय लेने के लिए वह सब कुछ होता है ,जो नहीं होना चाहिए .सांसद का दावा है कि एलिवेटेड फ्लाईओवर को धरातल पर लाने में उनकी प्रमुख भूमिका रही है. आरोप लगाया है कि विधायक विकास कार्य में बाधा डाल रहे हैं. अनुकंपा पर विधायक बने हैं. विकास कार्यों की समझ नहीं है. विधायक का काम सिर्फ रंगदारी वसूलना रह गया है. विकास का एक भी ठोस काम नहीं किए हैं .सरकारी काम में बाधा डालने वालों पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए. चाहे वह जनप्रतिनिधि ही क्यों ना हो.
सांसद ने विधायक पर तीखा हमला बोला है, तो विधायक भी सांसद पर माफिया गिरी करने का आरोप लगा दिया है. विधायक का कहना है कि परियोजना पर डेढ़ वर्ष से काम चल रहा है. लेकिन मुख्य ठेकेदार ने निर्माण कार्य में स्थानीय लोगों को रोजगार नहीं दिया है .बालू ,गिट्टी और मैनपावर की आपूर्ति कथित माफिया तत्वों के माध्यम से कराई जा रही है. उन्होंने साफ कहा कि इसका श्रेय सांसद ढुल्लू महतो को नहीं जाता. विधायक ने कहा कि हम एलिवेटेड फ्लाईओवर निर्माण के विरोधी नहीं है. गलत नीतियों का विरोध कर रहे हैं. विधायक ने कहा कि निरसा में माफियाबाद को चलने नहीं देंगे. कोई माफिया चाहेगा कि दूर बैठकर यहां चहेते लोकल दबंग को काम दिलाएंगे तो यह नहीं होने दिया जाएगा.
एलिवेटेड फ्लाईओवर अब राजनीतिक संघर्ष में बदल गया है. सांसद और विधायक एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं .सांसद ने विधायक पर निजी हमला बोलते हुए कहा कि वह अनुकंपा पर विधायक बने हैं. उन्हें जनता की परेशानियों से क्या मतलब है .फ्लाईओवर को धरातल पर लाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है. इसके सभी दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं. सांसद ने कहा कि जिस किसी बात पर आपत्ति है उसे लेकर खुलकर सामने आना चाहिए. लेकिन विकास कार्यों को रोकना उचित नहीं है.
दूसरी ओर विधायक अरूप चटर्जी ने सांसद के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि एलिवेटेड फ्लाईओवर परियोजना की मंजूरी ढुल्लू महतो के सांसद बनने से पहले ही मिल चुकी थी. और इसका टेंडर भी पहले ही जारी हो चुका था. विधायक ने दावा किया कि परियोजना की स्वीकृति के लिए उन्होंने काफी प्रयास किए थे.

