धनबाद पुलिस एक्टिव मोड में, एक महीने में 534 मामलों में चार्जशीट,कांड निष्पादन पर पुलिस का जोर
धनबाद पुलिस हर मोर्चे पर एक्टिव दिख रही है. इसी कड़ी में अब लंबित कांडों के निष्पादन को लेकर भी पुलिस ने अपनी रफ्तार बढ़ा दी है.
धनबाद पुलिस हर मोर्चे पर एक्टिव दिख रही है. इसी कड़ी में अब लंबित कांडों के निष्पादन को लेकर भी पुलिस ने अपनी रफ्तार बढ़ा दी है.
धनबाद(DHANBAD): धनबाद पुलिस हर मोर्चे पर एक्टिव दिख रही है. इसी कड़ी में अब लंबित कांडों के निष्पादन को लेकर भी पुलिस ने अपनी रफ्तार बढ़ा दी है. सितंबर माह में पुलिस ने 534 मामलों में चार्जशीट और अंतिम प्रतिवेदन न्यायालय में दाखिल किया। लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार के नेतृत्व में लगातार अभियान चलाया जा रहा है. थाना स्तर से लेकर वरीय अधिकारियों तक लंबित कांडों की नियमित समीक्षा की जा रही है. अनुसंधान में किसी तरह की अनावश्यक देरी न हो और जांच पूरी होने के बाद संबंधित कागजात समय पर न्यायालय पहुंचें, इस पर विशेष निगरानी रखी जा रही है.
पुलिस की इस मुहिम में अभियोजन कोषांग भी अहम भूमिका निभा रहा है. जिले के सभी थानों के प्रभारी और अनुसंधानकर्ताओं के साथ लगातार समन्वय कर लंबित मामलों की स्थिति की समीक्षा की जा रही है. जिन मामलों की जांच पूरी हो चुकी थी, उनमें जरूरी दस्तावेज और औपचारिकताएं पूरी कराकर चार्जशीट अथवा अंतिम प्रतिवेदन न्यायालय में दाखिल कराया गया. इसके अलावा ऐसे मामलों को भी अलग से चिन्हित किया गया, जिनमें अनुसंधान पूरा होने के बावजूद किसी कारण से न्यायालय में प्रतिवेदन नहीं पहुंच पाया था। अधिकारियों और अनुसंधानकर्ताओं के बीच समन्वय स्थापित कर इन मामलों में आ रही अड़चनों को दूर किया गया, ताकि कागजी प्रक्रिया के कारण न्यायिक कार्रवाई लंबित न रहे.
वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने लंबित कांडों के निष्पादन के साथ-साथ अनुसंधान की गुणवत्ता पर भी जोर दिया है. थाना प्रभारियों और अनुसंधानकर्ताओं को अपने-अपने क्षेत्र के लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करने और जांच पूरी होने के बाद बिना अनावश्यक विलंब के न्यायालय में चार्जशीट या अंतिम प्रतिवेदन दाखिल करने का निर्देश दिया गया है. पुलिस की नजर अब उन मामलों पर है जो अभी भी लंबित हैं. ऐसे कांडों की प्राथमिकता के आधार पर समीक्षा कर अनुसंधान पूरा कराने और नियमानुसार न्यायालय में प्रतिवेदन समर्पित करने की प्रक्रिया तेज की जा रही है. सितंबर में 534 मामलों का निष्पादन इस अभियान की अहम उपलब्धि मानी जा रही है.