धनबाद के सरकारी अस्पताल में मरीजों को बांटी जा रही थीं एक्सपायरी दवाएं, 4 स्वास्थ्यकर्मियों पर गिरी गाज

धनबाद के सरकारी अस्पताल में मरीजों को बांटी जा रही थीं एक्सपायरी दवाएं, 4 स्वास्थ्यकर्मियों पर गिरी गाज

धनबाद(DHANBAD): जिले के तोपचांची स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में निरीक्षण के दौरान सामने आई अनियमितताओं ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. अस्पताल में एक्सपायरी दवाएं मिलने के मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है. प्रारंभिक जांच में लापरवाही के संकेत मिलने के बाद चार स्वास्थ्यकर्मियों को शोकॉज नोटिस जारी किया गया है.

हाल ही में डीएमएफटी (DMFT) की टीम ने तोपचांची के साहूबहियार स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया था. निरीक्षण के दौरान अस्पताल के स्टोर, दवा भंडारण और दवा वितरण व्यवस्था की जांच की गई. इसी दौरान टीम को कई प्रकार की एक्सपायरी दवाएं मिलीं, जिसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही माना गया.

जांच रिपोर्ट में अस्पताल के स्टोर प्रबंधन और दवा निगरानी व्यवस्था में कई खामियां सामने आईं. रिपोर्ट के आधार पर स्टोर इंचार्ज, डेंटल मेडिकल ऑफिसर, फार्मेसी इंचार्ज और जीएनएम को इस मामले के लिए जिम्मेदार माना गया. इसके बाद उप विकास आयुक्त के निर्देश पर कार्रवाई शुरू की गई.

सीएचसी तोपचांची की प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. श्वेता गुंजन ने डेंटल मेडिकल ऑफिसर डॉ. राज शेखर भट्टाचार्य, स्टोर इंचार्ज शेखर सुमन, जीएनएम सोनामुनी अड्डी और फार्मेसी इंचार्ज मो. तनवीर आलम को शोकॉज नोटिस जारी किया है. सभी से निर्धारित समय सीमा के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने को कहा गया है. साथ ही मामले की जानकारी सिविल सर्जन सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी और उप विकास आयुक्त को भी भेज दी गई है.

मामले के सामने आने के बाद जनप्रतिनिधियों ने भी अस्पताल की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं. टुंडी विधायक प्रतिनिधि जगदीश चौधरी ने आरोप लगाया कि अस्पताल में लंबे समय से लापरवाही का माहौल बना हुआ है. उन्होंने कहा कि कई कर्मचारी वर्षों से एक ही स्थान पर कार्यरत हैं, जिससे जवाबदेही प्रभावित हो रही है और व्यवस्था में सुधार नहीं हो पा रहा है.

उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर वे जिला प्रशासन से मुलाकात करेंगे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे. फिलहाल सभी की नजरें जांच प्रक्रिया और संबंधित कर्मियों के जवाब पर टिकी हुई हैं. अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस मामले में आगे क्या कदम उठाता है और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए कौन से ठोस फैसले लिए जाते हैं.

रिपोर्ट- नीरज कुमार