Dhanbad Encounter: शिबू मुठभेड़ कांड से कैसे खुलेगा पशु तस्करी सिंडिकेट का राज? लाल सुपारी किलिंग गिरोह चलानेवाले भी होंगें बेनकाब
निरसा में 15 सितंबर को हुए एनकाउंटर के बाद पुलिस कई चेहरों को बेनकाब करने के लिए ताबड़तोड़ रेड कर रही है. निरसा के जिस शमशाद के घर में सागर उर्फ़ शिबू ठहरा हुआ था ,उसकी भूमिका की भी जांच हो रही है.
धनबाद(DHANBAD): निरसा में 15 सितंबर को हुए एनकाउंटर के बाद पुलिस कई चेहरों को बेनकाब करने के लिए ताबड़तोड़ रेड कर रही है. निरसा के जिस शमशाद के घर में सागर उर्फ़ शिबू ठहरा हुआ था ,उसकी भूमिका की भी जांच हो रही है. वह फरार बताया जाता है. पशु तस्करी से जुड़े मामले में पुलिस की नजर गई है. कहा जाता है कि धनबाद से लेकर उत्तर प्रदेश तक और फिर निरसा से लेकर बंगाल तक और बंगाल से लेकर बांग्लादेश तक पशु तस्करी का एक मजबूत नेटवर्क है, जिसका संचालन निरसा से होता है. पुलिस अब इस मामले को भी लेकर आगे बढ़ रही है. इसके अलावे शिबू के साथ कौन-कौन लोग धनबाद पहुंचे थे, उसकी तलाश तेज हो गई है.

शिबू निरसा के हाथबाड़ी कैसे पहुंचा,पता लगा रही है पुलिस
सागर उर्फ शिबू निरसा के हाथबाड़ी कैसे पहुंचा, वह धनबाद में किसके किसके संपर्क में था, इसका पता भी पुलिस लगा रही है. वैसे पुलिस ने आवास से जुड़े सीसीटीवी फुटेज और डीवीआर को जब्त कर लिया है. जांच आगे बढ़ेगी तो स्पष्ट होगा कि आनंद वाटिका रेजीडेंसी में कौन-कौन लोग ठहरे हुए थे? गुरुवार को फॉरेंसिक टीम भी घटनास्थल पर पहुंची थी. टीम ने एनकाउंटर की जगह का बारीकी से निरीक्षण किया. स्थलीय और डिजिटल साक्ष्य भी जुटाए. इधर, पुलिस ने मामले में शिबू उर्फ़ सागर सिंह और अज्ञात के खिलाफ निरसा थाना में एफआईआर दर्ज की है. घटनास्थल से बरामद हथियार और कारतूस और खोखे की भी वैज्ञानिक जांच कराई जा रही है. जांच में मुठभेड़ कांड से जुड़े कई कड़ियां स्पष्ट हो सकती है.

निरसा थाने में दर्ज हुई है एफआईआर, क्या है मजमून
इधर, निरसा में दर्ज एफआईआर में कहा गया है कि पुलिस को सूचना मिली थी कि अखिलेश सिंह गिरोह का शूटर शिबू हाथबाड़ी क्षेत्र के एक आवास में छिपा हुआ है, एसएसपी के निर्देश पर विशेष दल ने वहां कार्रवाई की. पुलिस के अनुसार घेराबंदी के दौरान शिबू ने पुलिस पर 9 एमएम पिस्टल से फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी, इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर उसे इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया। धनबाद से शिबू की गिरफ्तारी धनबाद पुलिस की बहुत बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है. इसलिए कि धनबाद में एक नए गिरोह के सिर उठाने के पहले ही पुलिस ने उसे ध्वस्त कर दिया. शिबू पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह हत्याकांड में भी शामिल बताया गया है. तो जमशेदपुर के होटल मालिक निखार सबलोक हत्याकांड में वह शूटर की भूमिका में था.
जमशेदपुर की घटना के बाद बिहार ,बंगाल होते हुए धनबाद आया था
जमशेदपुर में घटना को अंजाम देकर वह बंगाल, बिहार होते हुए धनबाद आया था और यहां निरसा में रह रहा था. लेकिन पुलिस की पैनी नजर से वह बच नहीं सका और एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है. बुधवार को निरसा के हाथबाड़ी में मुठभेड़ के बाद पुलिस का एक्शन तेज है. पुलिस सीसीटीवी फुटेज के जरिए पिछले कई दिनों की गतिविधियों का पता लगाने की कोशिश कर रही है. पुलिस यह भी जानने की कोशिश कर रही है कि आवास में शिबू के अलावे कौन-कौन रह रह रहे थे ? साथ ही पिछले कई दिनों से उस आवास में कौन लोग आ -जा रहे थे? शिबू किन-किन लोगों के संपर्क में था और उसके लोकल लिंक में कौन-कौन लोग शामिल थे? पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गैंग किस आपराधिक वारदात को अंजाम देने की तैयारी में था.
शिबू सहित पांच की धनबाद पहुंचने की सूचना पर पुलिस हुई थी सक्रिय
मुठभेड़ के बाद परिसर में रहने वाले लोग भी हैरान - परेशान हैं. चर्चा है कि कुख्यात शूटर कई दिनों से ठहरा हुआ था और इसकी भनक आसपास के लोगों को नहीं थी. शिबू सहित कुल पांच लोगों के धनबाद पहुंचने की सूचना पर पुलिस सक्रिय हुई और मंगलवार से ही छापेमारी शुरू की गई थी. जैसे-जैसे छापेमारी आगे बढ़ी, पुलिस को लीड मिलती गई. पुलिस को सूचना मिली कि उत्तर प्रदेश का कुख्यात अपराधी निरसा में ठहरा हुआ है.फिर पुलिस पहुंची और सरेंडर करने को कहा तो फायरिंग शुरू कर दी गई. पुलिस को देखते ही उसने फायरिंग शुरू की. पुलिस के अनुसार उसने अत्याधुनिक 9 एमएम पिस्टल से फायरिंग शुरू की. इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की. उसके दोनों पैर में गोली लगी है. उसे धनबाद के अस्पताल में भर्ती कराया गया है .जहां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में उसका इलाज चल रहा है.