पूछता है धनबाद :सांसद ढुल्लू महतो -विधायक अरूप चटर्जी की "लड़ाई" में कहां गुम हो गया एयरपोर्ट का मुद्दा

पूछता है धनबाद :सांसद ढुल्लू महतो -विधायक अरूप चटर्जी की "लड़ाई" में कहां गुम हो गया एयरपोर्ट का मुद्दा

धनबाद(DHANBAD):  सांसद ढुल्लू महतो  और विधायक अरूप  चटर्जी के बीच शुरू हुई "राजनीतिक लड़ाई" के बीच धनबाद में एयरपोर्ट का मुद्दा "लापता" हो गया है.  अब दोनों नेता एयरपोर्ट के बारे में कुछ नहीं बताते.  मामला आगे बढ़ा है अथवा नहीं, इसकी भी जानकारी नहीं देते।  वैसे, तो धनबाद में एयरपोर्ट का मामला कोई नया नहीं है, लेकिन यह मामला तब राजनीतिक रूप ले लिया, जब सांसद ढुल्लू महतो के नेतृत्व में एयरपोर्ट के लिए धनबाद के रणधीर वर्मा चौक पर सभा की गई थी.  और एयरपोर्ट के लिए जोरदार मांग उठाई गई थी. 

क्या कहा था निरसा विधायक अरूप चटर्जी 

 इसके बाद निरसा विधायक अरूप  चटर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था कि एयरपोर्ट के मामले में  क्रेडिट लेने के लिए सांसद  ढुल्लू महतो ने सभा की है.  यह सब हुए भी महीनो  बीत गए, लेकिन डेवलपमेंट की जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है.  इस बीच निरसा  में 400 करोड़ के एलिवेटेड फ्लाईओवर  को लेकर सांसद ढुल्लू महतो और विधायक अरूप  चटर्जी में जुबानी जंग तेज हो गई है.  सांसद  कह रहे हैं कि अरूप  चटर्जी रंगदारी के लिए विकास कार्यों में बाधा डाल रहे है.  कह रहे हैं कि  किसी को  दूर बैठकर निरसा में वह माफियागिरी करने नहीं  देंगें. 

इसी साल अप्रैल महीने में भाजपा का हुआ था जोरदार प्रदर्शन 

बता दे कि  इसी साल अप्रैल महीने में हुए आंदोलन के बाद ऐसा लगने लगा था कि धनबाद में एयरपोर्ट की मांग अब सियासी मुद्दा बन जाएगा।  सांसद ढुल्लू महतो  ने राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए आंदोलन तेज करने की घोषणा की थी.  उन्होंने कहा था कि झारखंड सरकार की उदासीनता की वजह से धनबाद में हवाई सेवा शुरू नहीं हो पाई है.  सांसद ने दावा किया था कि केंद्र सरकार एयरपोर्ट निर्माण के लिए तैयार है, लेकिन राज्य सरकार जमीन उपलब्ध नहीं करा  रही है.  जिससे परियोजना लंबित है. 

विधायक ने सांसद के प्रदर्शन को बताया था "राजनीतिक स्टंट"
 
दूसरी और भाजपा के प्रदर्शन के बाद निरसा के विधायक अरूप  चटर्जी ने इस प्रदर्शन को "राजनीतिक स्टंट" बताते हुए कई सवाल किए थे.  उन्होंने कहा था कि धनबाद के भाजपा  सांसद आज तक कोई बड़ी योजना लेकर नहीं आये.  उन्होंने कहा था कि सांसद  का यह कहना कि राज्य सरकार जमीन नहीं दे रही है, पूरी तरह से गलत है.  राज्य सरकार ने पहले ही एफसीआई की जमीन पर एयरपोर्ट के लिए विकल्प तलाशने  का निर्देश दिया था.  अरूप  चटर्जी ने दावा किया था कि  केंद्र सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस प्रस्ताव नहीं आया है.