Coal World:  कोयला क्षेत्र के लगभग 5 लाख रिटायर्ड पेंशन भोगियों के सपने क्यों टूटे, कोई बदलाव के संकेत नहीं  

Coal World:  कोयला क्षेत्र के लगभग 5 लाख रिटायर्ड पेंशन भोगियों के सपने क्यों टूटे, कोई बदलाव के संकेत नहीं

धनबाद(DHANBAD) :  कोयला क्षेत्र के लगभग 5 लाख रिटायर्ड पेंशन भोगियों के सपने टूट गए हैं.  निकट भविष्य में न्यूनतम पेंशन राशि बढ़ने  की अब कोई उम्मीद नहीं है.  केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि कोयला खनन पेंशन योजना -1998 में व्यापक संशोधन, न्यूनतम पेंशन में और बढ़ोतरी या अन्य नियमों के बदलाव के  कोई प्रस्ताव सरकार के पास विचाराधीन नहीं है.  

सरकार का कहना है कि न्यूनतम मासिक पेंशन बढ़ाकर ₹1000 कर दी गई है.  लोकसभा में कोयला राज्य मंत्री सतीश दुबे ने 22 जुलाई को पूछे गए एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दिया है.  सरकार के जवाब से इतना तो तय हो गया है कि  पेंशन योजना में किसी बड़े बदलाव की संभावना फिलहाल नहीं है.  सरकार ने स्पष्ट किया कि 8 मार्च 2024 कोयला खनन पेंशन योजना -1998 के तहत न्यूनतम  मासिक  पेंशन ₹1000 कर दी गई है.  इससे पहले बड़ी संख्या में लोगों को इससे कम राशि मिल रही थी. 

 सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस योजना में अधिकतम पेंशन की कोई सीमा नहीं है.  किसी भी कर्मचारी की पेंशन उसकी अंतिम वेतन, अंशदान, सेवा अवधि और पेंशन योग्य वर्षों के आधार पर तय होती है. कोयला खान भविष्य निधि संगठन (सीएमपीएफओ) के ताजा आंकड़ों के अनुसार जून 2026 तक कुल 4,81,468 पेंशनभोगी पेंशन प्राप्त कर रहे है.  अप्रैल 2026 में यह संख्या 4,78,949 थी, जो मई में बढ़कर 4,81,467 और जून में 4,81,468 हो गई.  इनमें सामान्य, विकट (डिसेबलमेंट) और फैमिली पेंशनभोगी शामिल है.