कोयला चोरी: अब धनबाद की राजनीति की क्यों बदल सकती है दशा -दिशा,क्यों सूख सकते है आर्थिक स्रोत 

कोयला चोरी: अब धनबाद की राजनीति की क्यों बदल सकती है दशा -दिशा,क्यों सूख सकते है आर्थिक स्रोत

धनबाद(DHANBAD): झारखंड -बंगाल में कोयला चोरों के खिलाफ चले  अब तक के सबसे बड़े अभियान में कुल  428.34 मीट्रिक टन  कोयला जब्त  किया गया है.  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आदेश के बाद "जीरो कोल्  लीकेज" मुहिम के तहत  सीआईएसफ  ने झारखंड और पश्चिम बंगाल के विभिन्न कोयला क्षेत्र में भारी मात्रा में चोरी का कोयला बरामद किया है.  4 जुलाई से 8 जुलाई तक के अभियान में बड़ी मात्रा में कोयला बरामद हुआ है.   झारखंड और बंगाल में कोल्  इंडिया की सहायक कंपनियां बीसीसीएल, ईसीएल  और सीसीएल के क्षेत्रो  में छापेमारी  की गई.  एफआईआर  दर्ज की गई है.  साथ ही कोयले के  अवैध परिवहन और खनन में इस्तेमाल हो रहे एक हाईवा , 13 से अधिक मोटरसाइकिल और कई उपकरण भी जब्त  किए गए हैं. 

धनबाद के इन इलाकों में हुई छापेमारी 
 
धनबाद के कतरास, ब्लॉक- 2, बसंतीमाता, कुस्तौर ,  सिजुआ, जेलगोड़ा , बरोरा , गोविंदपुरी इलाकों में सटीक खुफिया इनपुट और ड्रोन  निगरानी के जरिए छापेमारी की गई.   यहां से 319.5 4 मीट्रिक  टन अवैध कोयला बरामद किया गया है.  साथ ही  कोयला ढुलाई  में लगे  एक ट्रक और दर्जनों मोटरसाइकिल पकड़ी गई है.  सूत्रों के अनुसार सीआईएसएफ ने इस अभियान में मानव खुफिया तंत्र के साथ-साथ, ड्रोन सर्विलेंस, जीपीएस सिस्टम और औचक निरीक्षण जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया है. 

एमएमडीआर एक्ट का असर दिखने लगा

बता दे कि एमएमडीआर एक्ट का असर दिखने लगा है.  सीआईएसएफ और कोयला अधिकारी सक्रिय हो गए है.  आईए  आपको बताते हैं कि एक्ट की धारा 22 और 24 में सीआईएसएफ और कोयला अधिकारियों को क्या अधिकार मिले है ---  दरअसल, कोल इंडिया की सहायक कंपनियों में अवैध खनन और कोयला चोरी की घटनाओं पर अंकुश के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है.  कोयला मंत्रालय ने पहली  जुलाई को खनन एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 195 7 MMDR एक्ट की धारा 22 एवं 24 के तहत अधिसूचना जारी किया है.  इसके तहत बीसीसीएल, सीसीएल, ईसीएल सहित अन्य कंपनियों  के अधिकारियों को वैधानिक शक्तियां प्रदान की गई है.  अधिसूचना में क्षेत्रीय महाप्रबंधक(खनन),  परियोजना पदाधिकारी, खान प्रबंधक, क्षेत्रीय नोडल सुरक्षा अधिकारी, क्षेत्रीय प्रबंधक (मानव संसाधन) तथा सीआईएसएफ के कमांडेंट से लेकर सहायक कमांडेंट तक को अधिकृत किया गया है.  

धारा 22 और 24 में क्या मिला है अधिकार 

दरअसल, धारा 22 में किसी भी अपराध में न्यायालय तभी संज्ञान लेता  है, जब केंद्रीय या  राज्य सरकार द्वारा अधिकृत अधिकारी शिकायत दर्ज कराये।  धारा 24-- अधिकृत अधिकारी को खदान,  गोदाम अथवा अन्य स्थान का निरीक्षण करने, तलाशी लेने तथा जरूरी होने पर दस्तावेज, खनिज अथवा अन्य सामग्री जब्त  करने का अधिकार होगा।  अधिसूचना लागू होने के बाद अधिकृत अधिकारी एमएमडीआर एक्ट की धारा 22 एवं 24 के तहत मिली शक्तियों का उपयोग कर सकेंगे।  इसके तहत अवैध खनन, अवैध परिवहन, बिना वैध  अनुमति के कोयले के उत्खनन, भंडारण एवं खनिज संबंधी अन्य अपराधों में मौके पर जांच, निरीक्षण, तलाशी और जब्ती  की कार्रवाई की जा सकेगी।  साथ ही  जरूरी होने पर विधिक  कार्रवाई प्रारंभ कर अभियोजन की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा सकेगी।  इस गजट में कोल इंडिया लिमिटेड की  सभी अनुषंगी  कंपनियों एवं नवेली लिग्नाइट कंपनी के लिए अधिकारियों को अधिकृत किया गया है.