JEE Advanced के बाद IIT ISM धनबाद क्यों है छात्रों की पसंद? जानिए कोर्स और कटऑफ की पूरी जानकारी

JEE Advanced के बाद IIT ISM धनबाद क्यों है छात्रों की पसंद? जानिए कोर्स और कटऑफ की पूरी जानकारी

टीएनपी डेस्क (TNP DESK): देशभर के लाखों छात्र हर साल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देखते हैं और इसके लिए IITs को सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में माना जाता है. इन्हीं संस्थानों में एक प्रमुख नाम IIT (ISM) धनबाद का है. इंडियन स्कूल ऑफ माइंस (ISM) के रूप में अपनी पहचान बनाने वाला यह संस्थान आज देश के अग्रणी IITs में शामिल हो चुका है. खासतौर पर माइनिंग, पेट्रोलियम और कोर इंजीनियरिंग क्षेत्रों में इसकी अलग पहचान है. यही वजह है कि JEE Advanced के बाद बड़ी संख्या में छात्र यहां दाखिला लेने की इच्छा रखते हैं.

कैसे मिलता है IIT (ISM) धनबाद में प्रवेश?

IIT (ISM) धनबाद में बीटेक कार्यक्रमों में प्रवेश पाने के लिए छात्रों को सबसे पहले JEE Main परीक्षा उत्तीर्ण करनी होती है. इसके बाद योग्य उम्मीदवार JEE Advanced में शामिल होते हैं. JEE Advanced में प्राप्त रैंक के आधार पर ही IITs में सीट आवंटन की प्रक्रिया आगे बढ़ती है.

परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद उम्मीदवारों को JoSAA (Joint Seat Allocation Authority) की काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग लेना होता है. इस दौरान छात्र अपनी पसंद के संस्थान और शाखाओं का चयन करते हैं. उपलब्ध सीटों और रैंक के आधार पर उन्हें कॉलेज आवंटित किया जाता है.

शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के लिए 12वीं में कम से कम 75 प्रतिशत अंक होना जरूरी है, जबकि SC/ST वर्ग के छात्रों के लिए यह सीमा 65 प्रतिशत निर्धारित है. साथ ही फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स विषयों का होना अनिवार्य है.

कौन-कौन से कोर्स उपलब्ध हैं?

IIT (ISM) धनबाद की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां पारंपरिक इंजीनियरिंग शाखाओं के साथ-साथ कुछ ऐसे विशेष कोर्स भी संचालित होते हैं, जो अन्य संस्थानों में सीमित रूप से उपलब्ध हैं. संस्थान में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, मैथमेटिक्स एंड कंप्यूटिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, केमिकल इंजीनियरिंग और सिविल इंजीनियरिंग जैसे लोकप्रिय बीटेक कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं.

इसके अलावा पेट्रोलियम इंजीनियरिंग और माइनिंग इंजीनियरिंग जैसे विशेष कोर्स भी यहां की पहचान हैं. इन क्षेत्रों में संस्थान की मजबूत अकादमिक और इंडस्ट्री कनेक्टिविटी छात्रों को बेहतर अवसर प्रदान करती है. संस्थान पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड प्रोग्राम भी संचालित करता है, जिनमें एप्लाइड जियोलॉजी और एप्लाइड जियोफिजिक्स प्रमुख हैं.

क्या कहती है कटऑफ?

पिछले वर्षों के रुझानों को देखें तो कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग सबसे अधिक प्रतिस्पर्धी शाखा बनी हुई है. सामान्य वर्ग के लिए इसकी क्लोजिंग रैंक लगभग 3,500 के आसपास रही है. वहीं मैथमेटिक्स एंड कंप्यूटिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग की सीटें भी 4,000 से 6,000 रैंक के बीच भर जाती हैं.

इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के लिए लगभग 7,600 तक की रैंक पर प्रवेश मिला है, जबकि मैकेनिकल इंजीनियरिंग में करीब 10,000 रैंक तक सीटें आवंटित हुई हैं. पेट्रोलियम इंजीनियरिंग की क्लोजिंग रैंक लगभग 12,700 और माइनिंग इंजीनियरिंग की लगभग 15,500 तक देखी गई है.

बेहतरीन प्लेसमेंट, मजबूत शैक्षणिक माहौल और विशेष इंजीनियरिंग कार्यक्रमों की वजह से IIT (ISM) धनबाद आज देश के शीर्ष तकनीकी संस्थानों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है. यही कारण है कि JEE Advanced के बाद यह संस्थान छात्रों की पसंदीदा सूची में लगातार ऊपर बना हुआ है.