धनबाद (DHANBAD): सांसद ढुल्लू महतो और निरसा विधयक अरूप चटर्जी के बीच की लड़ाई अब क़ानूनी लड़ाई की ओर मुड़ती दिख रही है. सांसद ने अपनी एवं अपने परिवार की प्रतिष्ठा को कथित रूप से क्षति पहुंचाने वाले बयानों के संबंध में निरसा विधायक अरूप चटर्जी को अपने अधिवक्ता के माध्यम से मानहानि (Defamation) का कानूनी नोटिस भेजा है.
कानूनी नोटिस में कहा गया है कि विधायक अरूप चटर्जी द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता तथा उसके बाद विभिन्न प्रिंट मीडिया, डिजिटल मीडिया एवं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सांसद एवं उनके परिवार के विरुद्ध कई गंभीर, झूठे, निराधार एवं मानहानिकारक आरोप लगाए गए है. नोटिस के अनुसार इन आरोपों का व्यापक प्रचार-प्रसार हुआ, जिससे सांसद की व्यक्तिगत, सामाजिक एवं सार्वजनिक प्रतिष्ठा को क्षति पहुंची है.
नोटिस में कहा गया है कि सार्वजनिक मंच से आरोप बिना किसी विश्वसनीय साक्ष्य के लगाए गए हैं तथा इनसे सांसद की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया है. नोटिस के अनुसार इस प्रकार के कथनों से समाज में उनकी प्रतिष्ठा, गरिमा एवं सार्वजनिक जीवन प्रभावित हुए है।कानूनी नोटिस में कहा गया है कि नोटिस प्राप्त होने के सात दिनों के भीतर सांसद एवं उनके परिवार से बिना शर्त एवं स्पष्ट सार्वजनिक लिखित माफी मांगी जाए,
प्रेस वार्ता एवं अन्य माध्यमों से दिए गए सभी कथित मानहानिकारक आरोपों एवं बयानों को सार्वजनिक रूप से वापस लिया जाए,सोशल मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म एवं अन्य माध्यमों पर उपलब्ध कथित मानहानिकारक वीडियो, पोस्ट, रिकॉर्डिंग एवं अन्य सामग्री को तत्काल हटाया जाए तथा अन्य प्लेटफॉर्म से भी हटाने के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएं. भविष्य में सांसद एवं उनके परिवार के विरुद्ध किसी भी प्रकार के झूठे, भ्रामक अथवा मानहानिकारक बयान देने अथवा प्रसारित करने से परहेज किया जाए. सांसद की प्रतिष्ठा को हुई कथित क्षति, मानसिक पीड़ा एवं सामाजिक अपमान के लिए ₹2 करोड़ (दो करोड़ रुपये) की क्षतिपूर्ति अदा की जाए. नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यदि निर्धारित अवधि के भीतर इन मांगों का पालन नहीं किया जाता है, तो सांसद की ओर से सक्षम न्यायालय में दीवानी एवं आपराधिक कानूनी कार्रवाई सहित उपलब्ध सभी वैधानिक उपाय अपनाए जाएंगे, ऐसी स्थिति में होने वाले सभी विधिक परिणामों की जिम्मेदारी संबंधित पक्ष की होगी.

