बोनस की राशि देगी कोयलांचल के बाजार को "टॉनिक" ,दीपावली तक 400 करोड़ की होती रहेगी धनवर्षा ?
त्योहारों के मौसम में धनबाद के कोयलांचल बाजार में करीब 400 करोड़ रुपये के कारोबार की उम्मीद है. बोनस मिलने से कपड़े, जूते-चप्पल और सजावटी सामान की बिक्री बढ़ने की संभावना है.
धनबाद (DHANBAD): कोयलांचल के बाजार में इस बार त्योहारों के मौसम में करीब 400 करोड़ रुपये आने का अनुमान है. कोयला कंपनियों, रेलवे और विभिन्न संस्थानों के कर्मचारियों को मिलने वाली बोनस से कारोबारियों की उम्मीदें बढ़ गई हैं. बड़े शॉपिंग मॉल से लेकर स्थानीय बाजारों और फुटपाथ की दुकानों तक खरीदारी की रौनक दिखाई देने लगी है. कारोबारियों को उम्मीद है कि बोनस की राशि खातों में पहुंचते ही बाजार में भीड़ दिखनी शुरू हो जाएगी.
शारदीय नवरात्र की शुरुआत के साथ ही त्योहारों का उत्साह बढ़ गया है. रविवार, 11 अक्टूबर को कलश स्थापना के साथ मां शैलपुत्री की पूजा हुई. इसके साथ ही लोग दुर्गापूजा की तैयारियों और खरीदारी में जुटने लगे हैं. धनबाद के बाजारों में कपड़े, जूते-चप्पल, सजावटी सामान और घरेलू जरूरतों की वस्तुओं की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ दिखाई दे रही है.
कहां से आएंगे 400 करोड़ रुपये?
कोयलांचल में अनुमानित 400 करोड़ रुपये के बोनस का सबसे बड़ा हिस्सा भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) के कर्मचारियों से आने की उम्मीद है. उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी के 28 हजार से अधिक कर्मचारियों को बोनस के रूप में करीब 300 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है. कंपनी की ओर से 15 अक्टूबर को बोनस भुगतान की ऐलान किए जाने की जानकारी है. वहीं, ईसीएल के कर्मचारियों के बोनस से करीब 39.96 करोड़ रुपये और रेलवे कर्मचारियों के बोनस से लगभग 40 करोड़ रुपये आने का अनुमान लगाया जा रहा है. इसके अलावा छोटे-बड़े निजी संस्थानों, दुकानों, कारखानों और अन्य प्रतिष्ठानों में कर्मचारियों को मिलने वाली बोनस को जोड़ने पर यह राशि करीब 400 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है.
लोग अपनी जरुरत के मुताबिक करेंगें खर्च
हालांकि, यह संभावित आंकड़ा है. पूरी राशि बाजार में खर्च नहीं होगी, क्योंकि कर्मचारी अपनी जरूरतों के अनुसार बचत, कर्ज भुगतान और घरेलू खर्चों पर भी रकम लगा सकते हैं. त्योहारों की खरीदारी के बीच फैशन का बदलता अंदाज भी बाजार में आकर्षण का केंद्र है. कपड़ों में 80 के दशक से प्रेरित लुक और ढीली जींस जैसे परिधानों की मांग दिखाई दे रही है. युवा पुराने दौर के फैशन को नए अंदाज में अपना रहे हैं. वहीं, महिलाओं की खरीदारी में साड़ी, सलवार-सूट, कुर्ती और अन्य पारंपरिक परिधानों का आकर्षण बना हुआ है. दुर्गापूजा के दौरान पंडाल घूमने के लिए लोग नए कपड़े खरीद रहे हैं.
कार-बाइक से लेकर टीवी-फ्रिज तक की खरीदारी
बोनस का असर केवल कपड़ों और रोजमर्रा की वस्तुओं तक सीमित रहने की उम्मीद नहीं है. त्योहारों में कई परिवार बड़ी खरीदारी की प्लान बनाते हैं. ऐसे में कार, बाइक और स्कूटर के शोरूम में ग्राहकों की दिलचस्पी बढ़ सकती है. इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में टीवी, फ्रिज, एसी, वॉशिंग मशीन और मोबाइल जैसे उत्पादों की मांग भी बढ़ने की संभावना है. रियल एस्टेट क्षेत्र में घर और डुप्लेक्स खरीदने की प्लान रहती है.
मॉल से फुटपाथ तक कारोबारियों को उम्मीद
धनबाद के बड़े शॉपिंग मॉल, ब्रांडेड शोरूम, स्थानीय बाजार और फुटपाथ की दुकानों में त्योहारों के दौरान ग्राहकों की आवाजाही बढ़ने लगी है. बड़े शोरूम में ब्रांडेड सामान खरीदने वालों के साथ कम बजट में खरीदारी करने वाले लोग भी स्थानीय दुकानों का रुख कर रहे हैं. बाजार में होने वाली इस हलचल का लाभ केवल दुकानदारों को ही नहीं, बल्कि ऑटो-रिक्शा चालकों, परिवहन सेवाओं, कारीगरों और दूसरे छोटे कारोबारियों को भी मिल सकता है. बोनस की राशि स्थानीय अर्थव्यवस्था में खर्च होने पर व्यापार के साथ रोजगार से जुड़ी गतिविधियों को भी आगे बढ़ाती है.
दुर्गापूजा से दीपावली और छठ तक बना रह सकता है असर
कारोबारियों के लिए सबसे बड़ी उम्मीद यह है कि खरीदारी का सिलसिला दुर्गापूजा के बाद भी जारी रहेगा. दीपावली पर घरों की सजावट, रोशनी, उपहार, मिठाइयों और इलेक्ट्रॉनिक सामान की मांग बढ़ती है. इसके बाद छठ पूजा के लिए कपड़े, फल और पूजा सामग्री की खरीदारी होती है.
कुल मिलाकर, करीब 400 करोड़ रुपये के संभावित बोनस ने कोयलांचल के कारोबारियों की उम्मीदें बढ़ा दी हैं. अब बाजार की नजर बोनस भुगतान और ग्राहकों की खरीदारी पर है.
रिपोर्ट -प्रकश महतो