ब्लिंकिट डिलीवरी कर्मियों का धनबाद में जोरदार प्रदर्शन, इंसेंटिव में कटौती पर जताया विरोध

ब्लिंकिट डिलीवरी कर्मियों का धनबाद में जोरदार प्रदर्शन, इंसेंटिव में कटौती पर जताया विरोध

धनबाद(DHANBAD): 10 मिनट में ऑनलाइन ग्रॉसरी डिलीवरी सेवा ब्लिंकिट के डिलीवरी पार्टनर्स ने बुधवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया. यह प्रदर्शन रणधीर वर्मा चौक पर हुआ, जहां बड़ी संख्या में डिलीवरी कर्मी एकत्र होकर कंपनी की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी आवाज उठाते नजर आए. प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य बेहतर भुगतान, इंसेंटिव सिस्टम में सुधार और कार्य परिस्थितियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करना रहा.

डिलीवरी कर्मियों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में उनकी आमदनी में लगातार गिरावट आई है. पहले जहां 400 रुपये के ऑर्डर पर लगभग 120 रुपये तक का इंसेंटिव आसानी से मिल जाता था, वहीं अब उसी इंसेंटिव को पाने के लिए उन्हें सुबह से देर रात तक लगातार काम करना पड़ रहा है. उनका आरोप है कि पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों, वाहन रखरखाव और अन्य खर्चों के बावजूद कंपनी की ओर से प्रति ऑर्डर भुगतान में कोई संतोषजनक वृद्धि नहीं की गई है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है.

प्रदर्शन कर रहे कर्मियों ने यह भी गंभीर आरोप लगाया कि कई बार बिना किसी पूर्व सूचना या स्पष्ट कारण के उनकी डिलीवरी आईडी को ब्लॉक कर दिया जाता है. इससे अचानक उनकी कमाई रुक जाती है और रोज़ी-रोटी पर सीधा असर पड़ता है. उनका कहना है कि किसी भी विवाद या शिकायत की स्थिति में कंपनी को कर्मचारी का पक्ष सुनना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है.

डिलीवरी पार्टनर्स ने मांग की है कि न्यूनतम भुगतान की स्पष्ट नीति बनाई जाए, ईंधन खर्च के अनुसार अतिरिक्त भत्ता दिया जाए और इंसेंटिव प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाया जाए. साथ ही आईडी ब्लॉक करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता और उचित सुनवाई का प्रावधान भी जरूरी बताया गया है.

इस आंदोलन को कांग्रेस के युवा नेताओं का समर्थन भी मिला. उन्होंने कहा कि डिलीवरी कर्मी शहर की लाइफलाइन हैं, जो दिन-रात मेहनत करके लोगों तक जरूरी सामान पहुंचाते हैं, लेकिन उन्हें उनके परिश्रम के अनुरूप उचित वेतन और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं. नेताओं ने इस मुद्दे को जिला प्रशासन के सामने उठाने और उपायुक्त को ज्ञापन सौंपने की बात कही है. लप्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में आंदोलन होगा.

रिपोर्ट- नीरज कुमार