धनबाद से झामुमो सांसदों की वापसी के बाद PMO के सलाहकार की एंट्री, सिर्फ संयोग या कोई सियासी संकेत ?

धनबाद में JMM सांसदों की टीम के दौरे के बाद अब PMO सलाहकार तरुण कपूर 31 अगस्त को पहुंच रहे हैं. कोयला चोरी, झरिया पुनर्वास, भू-धंसान और BCCL प्रोजेक्ट्स की समीक्षा पर नजर रहेगी.

धनबाद से झामुमो सांसदों की वापसी के बाद PMO के सलाहकार की एंट्री, सिर्फ संयोग या कोई सियासी संकेत ?

धनबाद (DHANBAD): धनबाद कोयलांचल पर राज्य सरकार की भी नजर है, तो केंद्र सरकार भी गंभीर है. पीएमओ के सलाहकार दो दिनों के दौरे पर धनबाद पहुंच रहे हैं. तो दो  दिन पहले झारखंड में सत्ताधारी दल के तीन सांसद धनबाद पहुंचे थे. सांसदों का दल धनबाद जिला और पुलिस प्रशासन के साथ बीसीसीएल के अधिकारियों से आमने-सामने  बातचीत की थी और चार दिनों के रिपोर्ट देने को कहा था. जानकारी के अनुसार पीएमओ के सलाहकार दो दिनों के दौरे पर धनबाद आ रहे हैं. 

वह 31 अगस्त को धनबाद पहुंचेंगे, सलाहकार तरुण कपूर का बीसीसीएल दौरा कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है. अपने दौरे के क्रम में कई ज्वलंत मुद्दों पर वह समीक्षा बैठक कर सकते हैं. जानकारी के अनुसार झरिया पुनर्वास, ईवीएम प्रोजेक्ट, फायर एरिया ऐना प्रोजेक्ट, बेलगड़िया, करमाटांड़ का भी दौरा कर सकते हैं. वह बीसीसीएल के मामलों की भी समीक्षा कर सकते है. डीवीसी के अधिकारियों से भी बातचीत करने की उनकी योजना है. 

यह दौरा कोयलांचल के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण माना जा रहा है. सूत्रों के अनुसार धनबाद कोयलांचल में संचालित सरकारी और अर्द्ध सरकारी विभाग के अधिकारियों के साथ भी  डीसी कार्यालय में उनकी बैठक हो सकती है. यह बात भी सच है कि धनबाद कोयलांचल में भू-धंसान और विस्थापन पर पीएमओ की नजर है और लगातार इसकी मॉनीटरिंग भी हो रही है. इसके पहले भी पीएमओ के अधिकारियों का दौरा हो चुका है. कोल इंडिया की सबसे महत्वपूर्ण इकाई बीसीसीएल कई मायनो में महत्वपूर्ण है. 

इधर, सूत्रों के अनुसार यह भी बताया जा रहा है कि बीसीसीएल में प्रोजेक्ट-ई की शुरुआत हो सकती है. यह प्रोजेक्ट धनबाद शहर से सटे गोधर से शुरू होकर कतरास-बाघमारा तक जाएगी, प्रोजेक्ट से 15 मिलियन टन कोयल के उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया जा रहा है. बीसीसीएल की कुल 6 कोलियरियों को इसमें शामिल किया जाएगा. हालांकि इसका स्वरूप अभी तय नहीं हुआ है, लेकिन माना जा रहा है कि प्राइवेट प्लेयर्स की इसमें भूमिका हो सकती है. इस प्रोजेक्ट को लेकर चर्चाएं भी तेज है. 

उल्लेखनीय है कि सत्ताधारी पार्टी झामुमो  के तीन सांसद विजय हांसदा, डॉक्टर सरफराज अहमद और महुआ माजी धनबाद पहुंचे थे. उन्होंने बैठक भी की और अधिकारियों से सवाल-जवाब भी किया. प्रशासन और पुलिस के साथ-साथ कोयला कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक की. सूत्र बता रहे हैं कि कई मुद्दों पर चर्चा हुई. बैठक के बाद सांसद महुआ माजी बोली कि कोयला चोरी से झारखंड की राष्ट्रीय स्तर पर बदनामी हो रही है. मुख्यमंत्री इसको लेकर गंभीर हैं. कहां गड़बड़ी हो रही है, इसे अब देखा जाएगा. कोयला कंपनियों से डिटेल रिपोर्ट मांगी गई है. सांसदों की टीम रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट देगी.

जानकारी के अनुसार इस बात पर भी चर्चा हुई कि कोयला कंपनी वाले पुलिस पर आरोप लगाते हैं, वहीं पुलिस का कहना है कि कोयला कंपनियों में गड़बड़ी है और इसलिए सांसदों की टीम ने विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. सूत्र बताते हैं कि किस रास्ते कितनी कोयला लोड गाड़ियां गुजरी, थाने में शिकायत हुई कि नहीं, शिकायत के बाद एफआईआर दर्ज हुई कि नहीं, ऐसे सभी मामलों की जानकारी मांगी गई है. चार दिनों के अंदर रिपोर्ट देने को कहा गया है. अब जवाबदेही तय की जाएगी. कोयला चोरी के धब्बे से धनबाद को बाहर किया जाएगा. बैठक में खनन क्षेत्र में रहने वाले लोगों की परेशानियों और शिकायतों पर भी चर्चा हुई है. ब्लास्टिंग से परेशानी पर भी बात हुई है. 

पुनर्वास का मुद्दा भी उठा. बीसीसीएल का तर्क था कि उन्हें सिर्फ बीसीसीएल कर्मियों को ही धंसान प्रभावित इलाकों से पुनर्वास करना है. गैर बीसीसीएल परिवार का पुनर्वास जरेडा के जरिए होना है. सांसद महुआ माजी ने कहा कि वे इस मामले को 7 सितंबर को कोल् एवं स्टील कमेटी की होने वाली बैठक में भी उठाएंगी, कोयला कंपनियों से कहा गया कि यदि उनके क्षेत्र में कोयले की चोरी हो रही है, तो इसकी लिखित जानकारी राज्य सरकार को दें. इसमें कितना कोयला उत्पादन हुआ, कितना डिस्पैच किया गया और कितनी मात्रा में कोयला चोरी हुई, इसका डिटेल्स भी दिया जाए. वहीं प्रशासन से अवैध खनन और कोयला चोरी को लेकर अब तक दर्ज प्राथमिकी की स्थिति और संबंधित स्थान की जानकारी लिखित रूप से देने को कहा गया. बैठक में डीसी, एसएसपी, बीसीसीएल के सीएमडी, ईसीएल, सेल के अधिकारी मौजूद थे.