धनबाद कांग्रेस के बदला ढांचा तो कैसे बदलने लगी नेताओं की "सोच" , अब तक विरोधी थे, अब हो गए दोस्त

धनबाद जिला कांग्रेस का ढांचा बदलने के बाद नेताओं की "सोच" भी बदलती दिख रही है.

धनबाद कांग्रेस के बदला ढांचा तो कैसे बदलने लगी नेताओं की "सोच" , अब तक विरोधी थे, अब हो गए दोस्त

धनबाद(DHANBAD): धनबाद जिला कांग्रेस का ढांचा बदलने के बाद नेताओं की "सोच" भी बदलती  दिख रही है.  लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान कांग्रेस के जिन तीन नेताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था, उन्हें फिर पार्टी में वापस ले लिया गया है.  धनबाद जिला कांग्रेस का ढांचा अब पूरी तरह से दो भागों में बंट  गया है.  एक ग्रामीण कांग्रेस जिला अध्यक्ष होंगे तो एक शहरी  जिला अध्यक्ष होंगें। 

तीन नेताओं का निष्काशन किया गया है वापस 

 फिलहाल दोनों का प्रभार संतोष सिंह के पास है.  इधर, धनबाद जिला कांग्रेस कमेटी ने तीन नेताओं के निष्कासन के  निर्णय को वापस ले लिया है.  जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव ने इस संबंध में पत्र जारी कर दिया है.  जिन नेताओं का निष्कासन वापस लिया गया है, उनमें एसके शाही , रामचंद्र शर्मा और मनोज कुमार सिंह शामिल हैं.  बताया गया है कि तीनों नेताओं के आवेदन पर जिला कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी की बैठक में विचार -विमर्श किया गया.  

शहरी और ग्रामीण क्षेत्रो में बंटेगी धनबाद कांग्रेस 

उन लोगों ने भरोसा दिया है कि भविष्य में वह किसी प्रकार की पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल नहीं होंगें।  उल्लेखनीय है कि झारखंड में कांग्रेस कमेटी ने धनबाद और पूर्वी सिंहभूम कांग्रेस कमेटी का विभाजन कर दिया है.  शहरी और ग्रामीण समितियों  के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है.  इसके साथ ही दोनों जिलों में कांग्रेस के अब दो-दो जिला अध्यक्ष होंगें।  नई संरचना के अनुसार धनबाद में नगर निगम के सभी 55 वार्ड शहरी कांग्रेस कमेटी के अंतर्गत होंगे, जबकि जिले के सभी प्रखंड ग्रामीण कांग्रेस कमेटी में शामिल होंगें।