आईआईटी (आईएसएम) के नाम जुड़ी और एक बड़ी उपलब्धि ,झारखंड का नाम भी हुआ रौशन,पढ़िए डिटेल्स
आईआईटी (आईएसएम) धनबाद ने क्यूएस एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 51 स्थानों की छलांग लगाई है. संस्थान ने इस बार एशिया में 373वां स्थान हासिल किया है, जबकि पिछले साल यह 424वें स्थान पर था.
धनबाद(DHANBAD): आईआईटी (आईएसएम) के नाम एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है. इस उपलब्धि से केवल धनबाद ही नहीं ,बल्कि पूरा झारखंड गर्व कर रहा हैं. आईआईटी (आईएसएम) धनबाद ने क्यूएस एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 51 स्थानों की छलांग लगाई है. संस्थान ने इस बार एशिया में 373वां स्थान हासिल किया है, जबकि पिछले साल यह 424वें स्थान पर था. इसके साथ ही देश के सभी आईआईटी में संस्थान को 12वां और भारत के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में 86वां स्थान मिला है.
रैंकिंग में संस्थान की इस बेहतर स्थिति को शिक्षा, रिसर्च, इनोवेशन, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और संस्थान की बढ़ती पहचान के लिए लगातार किए जा रहे प्रयासों का नतीजा माना जा रहा है। क्यूएस एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में भारत के 325 संस्थानों को जगह मिली है, जो एशिया के उच्च शिक्षा क्षेत्र में देश की बढ़ती मौजूदगी को दर्शाता हैं.
इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए आईआईटी (आईएसएम) के निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा ने कहा, "क्यूएस एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में 51 स्थानों का सुधार पूरे आईआईटी (आईएसएम) परिवार के लिए गर्व की बात है. एशिया में 424वें से 373वें स्थान पर पहुंचना एकेडमिक एक्सीलेंस, बेहतर रिसर्च, इनोवेशन और अंतरराष्ट्रीय भागीदारी के प्रति हमारी लगातार प्रतिबद्धता को दिखाता है. यह उपलब्धि हमारे फैकल्टी मेंबर्स, स्टूडेंट्स, अधिकारियों, कर्मचारियों, एलुमनाई और सभी सहयोगियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है. हम आगे भी शिक्षा और रिसर्च के क्षेत्र में अपनी क्षमताओं को मजबूत करने के साथ वैश्विक स्तर पर संस्थान की पहचान बढ़ाने के लिए काम करते रहेंगे।"
क्यूएस एशिया रैंकिंग में यह सुधार संस्थान की वैश्विक शैक्षणिक उपलब्धियों की कड़ी में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव ही. इससे पहले जून 2026 में जारी क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में आईआईटी (आईएसएम) धनबाद ने अपने 100 साल के इतिहास में पहली बार ग्लोबल रैंकिंग में जगह बनाई थी. संस्थान को 701–710 के ग्लोबल रैंक बैंड में रखा गया था. इस रैंकिंग में भारत के 52 संस्थानों में इसे 21वां और शामिल 13 आईआईटी में 11वां स्थान मिला था.
इसी तरह क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग बाय सब्जेक्ट 2026 में भी संस्थान ने शानदार प्रदर्शन किया था. मिनरल एंड माइनिंग इंजीनियरिंग में संस्थान को भारत में पहला और दुनिया में 21वां स्थान मिला था. पेट्रोलियम इंजीनियरिंग में इसे ग्लोबल 151–175 बैंड में जगह मिली, जबकि मैकेनिकल इंजीनियरिंग ने पहली बार 501–575 बैंड में रैंकिंग में अपनी जगह बनाई।