ढुल्लू महतो VS संजीव सिंह के बाद कोयलांचल में "कोयला" कैसे बन गया राजनीतिक हथियार, किसको मिल रहा फ़ायदा

ढुल्लू महतो VS संजीव सिंह के बाद कोयलांचल में  "कोयला" कैसे बन गया राजनीतिक हथियार, किसको मिल रहा फ़ायदा

धनबाद(DHANBAD):   धनबाद में "कोयला" अब एक राजनीतिक शब्द हो गया है.  कोयले की राजनीति कोयलांचल में चरम पर है.  सब जनप्रतिनिधि कोयला चोरी के आरोप एक दूसरे पर लगा रहे हैं, लेकिन कोयला चोरी कैसे रुकेगी, इसका कोई ब्लूप्रिंट उनके पास नहीं है. कोयला चोरी रोकने के लिए एक मंच पर भी नहीं आ रहे हैं.  मतलब कहा जा सकता है कि कोयलांचल में कोयले की आड़ में एक दूसरे पर निशाना साधा जा रहा है.  फिलहाल,  एक दूसरे का नाम लिए बगैर साधा  जा रहा है, लेकिन जो परिस्थितियों बन रही हैं.  उससे  ऐसा लगता है कि पार्टी, संगठन से ऊपर "कोयला" हो जाएगा।  अगर निरसा  की बात की जाए, तो कुछ दिनों पहले माले  विधायक अरूप  चटर्जी ने सड़क पर उतरकर अवैध कोयला लोड वाहनों को पकड़ने का अभियान शुरू किया था. इसकी भी चर्चा खूब हुई थी.  

निरसा -कतरास भी है चर्चे में 

उसके बाद झरिया विधायक रागिनी सिंह कतरास इलाके में गई और भू -धंसान  के लिए अवैध उत्खनन को जिम्मेवार बताया।  उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से सांसद ढुल्लू महतो   पर भी निशाना साधा, कहा कि कतरास -बाघमारा इलाके में गठबंधन के तहत अवैध उत्खनन कराया जा रहा है.  यह अलग बात है कि अवैध  उत्खनन के वर्चस्व को लेकर कोयलांचल में गोलियां चल रही हैं.  लोगों की जाने जा रही है.  जहां भी घटनाएं होती हैं, राजनीति शुरू हो जाती है.  इधर, रविवार को धनबाद के सांसद ढुल्लू महतो ने झरिया विधानसभा के अलकडीहा  में बीसीसीएल और निजी कंपनियों पर तेज हमला बोला है.  लोदना  क्षेत्र के जिनगोडा  माड़ी  गोदाम मैदान में  आयोजित सभा में उन्होंने कहा कि पुनर्वास की समुचित व्यवस्था किए बिना गरीबों और स्थानीय लोगों को डराकर उजाड़ने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।  

सांसद का बड़ा आरोप -रोज 200 हाईवा कोयले की हो रही चोरी 

उन्होंने कहा कि स्थानीय मजदूरों से मैन्युअल लोडिंग कराने  के लिए बीसीसीएल के पास कोयला नहीं है, लेकिन कुजामा  परियोजना से रोज रात के अंधेरे में 200 हाईवे कोयला चोरी कराई जा रही है. यह सब माफिया घरानो से सांठगांठ कर  किया जा रहा है.  सांसद ने कहा कि जिन लोडिंग प्वाइंटों पर ट मैन्युअल लोडिंग कर हजारों स्थानीय असंगठित मजदूर को रोजगार मिलता था.  उन्हें माफिया घराने के लोगों ने आउटसोर्सिंग प्रबंधन से मिलकर बंद करा  दिया है.  इस वजह से हजारों मजदूर भुखमरी के कगार पर पहुंच गए है.  सांसद ने कहा कि जब तक वह जनता के प्रतिनिधि के रूप में खड़े हैं, तब तक कोई माफिया या प्रबंधन उनके कुछ नहीं बिगाड़ सकता।  उन्होंने कहा कि वह स्वयं एक प्रतिनिधिमंडल के साथ धनबाद के डीसी  से मिलेंगे, बंद पड़े लोडिंग पॉइंट पर दोबारा मैन्युअल लोडिंग का काम शुरू करने के लिए प्रशासनिक दबाव बनाने का प्रयास करेंगे। 
 
फायरिंग की घटना के बाद भी खूब हुई थी राजनीति 

आपको याद होगा कि पिछले दिनों अवैध कोयले के धंधे में वर्चस्व को लेकर  पिछले दिनों फायरिंग हुई थी.  इस घटना में पुलिस ने नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था.  एक की इलाज के दौरान मौत भी हो गई थी.  इस घटना के बाद भी खूब राजनीति हुई.  दो सांसद सड़क पर उतरे तो जलेश्वर महतो ने भी मोर्चा खोल दिया था.  दरअसल, धनबाद में अभी एक दूसरे के इलाके में अतिक्रमण करने की राजनीतिक कोशिश हो रही है और इसी कोशिश में कोयला चोरी पॉलीटिशियन का "हथियार" बन गया है.  यह बात तो सच है कि कोयलांचल में अवैध उत्खनन और कोयले  चोरी से बीसीसीएल प्रबंधन भी परेशान है .  केंद्र सरकार भी चिंतित है.  कई उपाय भी किए गए हैं, लेकिन कोयला चोरी रुक नहीं रहा है. दरअसल ,यह सब 2029 को टारगेट में रखकर किया जा रहा है.