धनबाद के उद्योग मालिकों का बड़ा सवाल : मूल्यवान कोकिंग कोल क्यों दिया जा रहा पावर प्लांटों को? क्या हो रहा नुकसान 

धनबाद के उद्योग मालिकों ने एक बड़ा सवाल खड़ा किया है. कहा है कि जिस कोकिंग कोल् का उपयोग हार्डकोक के प्रोडक्शन में होना चाहिए, उसे कोकिंग कोल की आपूर्ति ऐसे विद्युत संयंत्रों में की जा रही है, जिन्हें कोकिंग कोल् की आवश्यकता ही नहीं है.

धनबाद के उद्योग मालिकों का बड़ा सवाल : मूल्यवान कोकिंग कोल क्यों दिया जा रहा पावर प्लांटों को? क्या हो रहा नुकसान

धनबाद(DHANBAD): धनबाद के उद्योग मालिकों ने एक बड़ा सवाल खड़ा किया है.  कहा है कि जिस कोकिंग कोल का उपयोग हार्डकोक  के प्रोडक्शन में होना चाहिए, उसे कोकिंग  कोल्  की आपूर्ति ऐसे विद्युत संयंत्रों में की जा रही है, जिन्हें  कोकिंग कोल्  की आवश्यकता ही नहीं है.  उद्योग मालिक   अपने  संगठन के वार्षिक आमसभा में जुटे हुए थे.  उद्योग मालिकों ने कहा कि गलत कोयला वितरण नीति के कारण हार्ड कोक  उद्योग बदहाल  है.  वर्तमान में चुनौतियां बहुत हैं, लेकिन इसको  अवसर में बदलने के लिए उद्योग मालिकों में एकजुटता , सकारात्मक सोच और सामूहिक प्रयास की जरूरत है.  उद्योग मालिकों ने कहा कि औद्योगिक गतिविधियों के सु- व्यवस्थित संचालन के लिए आधारभूत संरचनाओं में सुधार तथा  प्रशासन और उद्योग जगत के बीच बेहतर समन्वय की भी जरूरत है.  

मूल्यवान कोकिंग  कोल को क्यों दिया जा रहा पावर प्लांट को

उद्योग मालिकों ने कहा कि मूल्यवान कोकिंग  कोल  को पावर प्लांट को दिया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है.  पहले हार्ड कोक  उद्योग के लिए कोयला का कोटा निर्धारित किया जाता था.  2008 में बंद कर फ्यूल सप्लाई एग्रीमेंट करने को कहा गया.  2018 में इसे भी बंद कर लिंकेज ई -ऑक्शन  से कोयला लेने को कहा गया.  ई -ऑक्शन  व्यवस्था की भी उद्योग मालिकों ने आलोचना की.  कहा कि ई -ऑक्शन  में ऊंची कीमत पर बोली लगाकर कम मात्रा में लोग कोयला बुक कराते  हैं.  इससे बाजार अस्थिर हो जाता है.  इसका उपयोग अवैध रूप से खरीदे गए कोयले को छिपाने के लिए भी किया जा रहा है.  उन्होंने कहा कि  मेक इन इंडिया के तहत हार्ड कोक  उद्योग को विशेष दर्जा  मिलनी चाहिए।  यह भी  सवाल किया गया कि उद्योगों के सुचारू संचालन के लिए सड़क, बिजली ,परिवहन सहित आधारभूत सुविधाओं में निरंतर सुधार की जरूरत है. 

इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स एसोसिएशन  की  93 वीं  आम सभा थी 

 दरअसल ,इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स एसोसिएशन  अपना 93 वीं  आम सभा आयोजित किया था.  बता दें कि  कोयलांचल में उद्योग मालिकों की सबसे पुरानी संस्था इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स एसोसिएशन  की बुधवार को 93 वीं   एनुअल जनरल मीटिंग हुई.  इस मीटिंग में एक बार फिर बी एन  सिंह -अध्यक्ष एसके सिन्हा उर्फ़ पलटन -वरीय  उपाध्यक्ष और सुनील कुमार अग्रवाल -कनीय  उपाध्यक्ष चुने गए.  बताया गया है कि बुधवार को हुई बैठक में बड़ी संख्या में उद्योग मालिक  शामिल हुए.  शहर के गण्यमान्य  लोग भी मौजूद थे.  एनुअल जनरल मीटिंग के पहले सत्र में सदस्यों का चयन किया गया.  कुल  15 सदस्य चुने गए, जिनमें सुनील कुमार अग्रवाल, सज्जन कुमार खरकिया, वैद्यनाथ सिंह, योगेंद्र नाथ नरूला, रामेश्वर दयाल अग्रवाल, इंद्र मोहन मेनन, शंभू नाथ अग्रवाल, राकेश कुमार गुटगुटिया , कैलाश प्रसाद अग्रवाल, अमितेश कुमार सहाय, सुनील कुमार गोयल, केदार नाथ  मित्तल, सुरेंद्र कुमार सिन्हा , नवीन कुमार सिन्हा  तथा वेद निधि शर्मा को सदस्य बनाया गया.  

बी एन सिंह एकबार फिर चुने गए अध्यक्ष 

उसके बाद विशेष सत्र में बी एन सिंह को अध्यक्ष, एसके सिन्हा को वरीय  उपाध्यक्ष, सुनील कुमार अग्रवाल को कनीय   उपाध्यक्ष चुना गया.  उल्लेखनीय है कि यह संगठन 93 साल पुराना है.  मुख्य रूप से संगठन हार्ड कोक  उद्योग और कोयला आधारित अन्य उद्योगों का प्रतिनिधित्व करता है.  हार्डकोक  उद्योग को धनबाद की आर्थिक रीढ़  माना जाता है.  लेकिन वर्तमान में हार्ड कोक  उद्योग की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है.  एक के बाद एक उद्योग बंद होते जा रहे हैं.  आज की बैठक में हार्डकोक उद्यमियों ने एकजुट होकर वर्तमान औद्योगिक परिस्थितियों की समीक्षा की तथा उद्योग के समक्ष मौजूद चुनौतियों के बीच विकास की नई संभावनाओं पर विचार किया।