धनबाद(DHANBAD): निरसा के बेनागोड़िया जवाहर नवोदय विद्यालय में सहपाठियों द्वारा छात्र की पिटाई का मामला तूल पकड़ लिया है. साथ ही अभिभावक डरे हुए है. अपने बच्चो को घर ले जाना शुरू कर दिए हैं. शुक्रवार को लोगों का आक्रोश भड़क उठा. ग्रामीणों ने स्कूल के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन किया. विभिन्न राजनीतिक दल के लोग भी इसमें शामिल थे. लोगों ने दोषियों पर कार्रवाई की मांग की. सूचना पाकर प्रखंड विकास पदाधिकारी ,सीओ और एस डीपीओ पहुंचकर दोषियों पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। उसके बाद ग्रामीण शांत हुए.
स्कूल के प्राचार्य के साथ ग्रामीण एवं राजनीतिक दल के नेताओं की वार्ता हुई. प्राचार्य ने दोषी छात्रों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया. साथी 12 सदस्य स्थानीय निगरानी समिति गठित करने का भरोसा दिया. उसके बाद मामला शांत हुआ. बता दें कि मंगलवार की रात दसवीं क्लास के नगरकियारी निवासी छात्र की उसी के रूम पार्टनरों ने बुरी तरह पिटाई की थी. उसके हाथ पैर बांधकर बेल्ट से पीटा गया था. उसका इलाज धनबाद के अस्पताल में चल रहा है. घटना का पता तब चला जब छात्र की हालत बिगड़ गई. वह घर वालो को सबकुछ बताया.
प्रदर्शन कार्यक्रम में महिलाएं भी शामिल थी. वह अपने हाथ में झाड़ू और डंडा लेकर प्रदर्शन कर रही थी. काफी मशक्कत के बाद अधिकारियो को स्कूल परिसर में प्रवेश मिला। बाद में प्रभारी प्राचार्य चंद्रकांत यादव के साथ कांग्रेस पार्टी के जिला अध्यक्ष संतोष कुमार सिंह, सांसद प्रतिनिधि प्रशांत बनर्जी, गोपाल राय भाजपा नेता भूपेंद्र सिंह एवं ग्रामीणों के साथ प्रभारी प्राचार्य की बैठक की गई. बैठक में निर्णय लिया गया कि स्थानीय ग्रामीणों का एक निगरानी समिति गठित की जाए , जो ऐसे मामलों पर नजर रखेगी तथा समय-समय पर विद्यालय प्रबंधन को मामले की जानकारी देगी. प्रभारी प्राचार्य ने कहा कि विधिवत एक्शन का मेरा अधिकार नहीं है. मैंने वरीय पदाधिकारी को पूरे मामले की जानकारी दे दी है. वरीय पदाधिकारी जांचोंपरांत छात्रों पर कार्रवाई करेंगे.
इसे लेकर जांच कमेटी गठित की गई है. जांच कमेटी में जामताड़ा की प्राचार्य डॉक्टर प्रीति श्रीवास्तव विद्यालय परिसर आई हुई है तथा पूरे मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट वरीय पदाधिकारी को देंगी. शुक्रवार की सुबह से अभिभावक विद्यालय परिसर अपने-अपने बच्चों का हाल-चाल जानने पहुंचे. दर्जनों अभिभावक अपने बच्चों को अपने साथ लेकर गए चले गए. अभिभावकों का कहना था जब मामला शांत होगा तब अपने बच्चों को स्कूल भेजेंगे। स्कूल में 560 बच्चे अध्यनरत है, जिनकी सुरक्षा 6 सुरक्षाकर्मियों के भरोसे है. तीन शिफ्ट में दो सुरक्षाकर्मी काम करते हैं, इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि बच्चों की सुरक्षा के प्रति विद्यालय कितना संवेदनशील है.

