श्रावणी मेले में अस्थायी दुकानदारों का हंगामा, नगर निगम पर जबरन वसूली का आरोप

श्रावणी मेले में अस्थायी दुकानदारों का हंगामा, नगर निगम पर जबरन वसूली का आरोप

देवघर (DEOGHAR) : जिले में इन दिनों श्रावणी मेले का आयोजन चल रहा है. बाबा नगरी में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के साथ ही स्थानीय और दूर-दराज के इलाकों से आए लोग भी अपनी रोजी-रोटी के लिए अस्थायी दुकानें लगा रहे हैं. इस बीच नगर निगम की ओर से की जा रही कथित वसूली को लेकर अस्थायी दुकानदारों का गुस्सा फूट पड़ा. दुकानदारों ने जमकर हंगामा किया और जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की.

अतिरिक्त राशि की वसूली से बढ़ा आर्थिक बोझ

दुकानदारों का आरोप है कि नगर निगम की ओर से अतिक्रमण के नाम पर प्रत्येक अस्थायी दुकान से 500 रुपये की राशि ली जा रही है. इसके अलावा प्रतिदिन फुटकर टैक्स भी वसूला जा रहा है. दुकानदारों का कहना है कि मेले के दौरान छोटी-मोटी दुकान लगाकर वे अपने परिवार का भरण-पोषण करने की कोशिश कर रहे हैं. ऐसे में अतिरिक्त राशि की वसूली से उन पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है.

अलग-अलग मद में राशि लिए जाने से परेशानी बढ़ी

स्थानीय दुकानदारों के अनुसार, मेले में दुकान लगाने वाले कई लोग आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं. इनमें कुछ दुकानदार ऐसे भी हैं जिन्होंने ब्याज पर रुपये लेकर अपना छोटा व्यवसाय शुरू किया है. उन्हें उम्मीद थी कि श्रावणी मेले में अच्छी बिक्री होने से उनकी आर्थिक स्थिति में कुछ सुधार होगा, लेकिन अलग-अलग मद में राशि लिए जाने से उनकी परेशानी बढ़ गई है.

नारेबाजी करते हुए जबरन वसूली का आरोप

इसी बात से नाराज दुकानदारों ने बीती रात विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान मौके पर बड़ी संख्या में दुकानदार जमा हो गए और जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जबरन वसूली का आरोप लगाया. हंगामे की सूचना मिलने के बाद पुलिस और दंडाधिकारी मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने दुकानदारों से बातचीत की और उनकी समस्या को सुनने के बाद उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया. इसके बाद दुकानदार शांत हुए और मामला फिलहाल शांत कराया गया.

दुकानदारों ने प्रशासन से मांग की है कि श्रावणी मेले के दौरान छोटे और अस्थायी दुकानदारों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए वसूली के मामले में उचित कदम उठाया जाए.

रिपोर्ट – प्रशांत कुमार