देवघर (DEOGHAR) : झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेता और राज्य गठन में अहम भूमिका निभाने वाले दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि पर देवघर में उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई. इस अवसर पर बाबानगरी स्थित देवघर एयरपोर्ट के समीप उनकी आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया गया. कार्यक्रम में राज्य के मंत्री हाफिजुल हसन, सारठ विधायक उदय शंकर सिंह, पूर्व मंत्री बादल पत्रलेख, देवघर नगर निगम के मेयर रवि राउत सहित बड़ी संख्या में पार्टी के नेता, कार्यकर्ता और स्थानीय लोग उपस्थित रहे.
आज का दिन बेहद भावुक और दुखद
प्रतिमा अनावरण के बाद आयोजित श्रद्धांजलि सभा में मंत्री हाफिजुल हसन ने कहा कि आज का दिन पूरे झारखंड के लिए बेहद भावुक और दुखद है. उन्होंने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन ने उन्हें चलना, बोलना, संघर्ष करना और लोगों के अधिकारों के लिए लड़ना सिखाया. ऐसे महान नेता की प्रतिमा का अनावरण करना उनके लिए गर्व के साथ-साथ भावुक क्षण भी है.
योगदान हमेशा याद रखा जाएगा
मंत्री ने कहा कि वर्ष 2000 में झारखंड राज्य का गठन हुआ और इसके पीछे दिशोम गुरु शिबू सोरेन के लंबे संघर्ष और त्याग की सबसे बड़ी भूमिका रही. उन्होंने कहा कि राज्य के विकास की नींव गुरुजी के संघर्ष और दूरदर्शी सोच पर रखी गई थी. आज झारखंड जिस दिशा में आगे बढ़ रहा है, उसमें उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा.
संघर्षपूर्ण जीवन को याद किया
हाफिजुल हसन ने कहा कि सभी लोगों को दिशोम गुरु के आदर्शों और विचारों को अपनाते हुए उनके अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प लेना चाहिए. उन्होंने विकसित, समृद्ध और मजबूत झारखंड के निर्माण के लिए मिलकर काम करने की अपील की. कार्यक्रम के दौरान उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शिबू सोरेन की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके संघर्षपूर्ण जीवन को याद किया.
रिपोर्ट – प्रशांत कुमार

