देवघर (DEOGHAR): श्रावणी मेला अब शुरू हो चुका है और कल यानी 3 अगस्त को पहली सोमवारी मनाई जाएगी. ऐसे में महीने की शुरुआत के साथ ही बाबा बैद्यनाथ धाम में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है. 30 जुलाई से शुरू हुए विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले में देशभर से लाखों श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ के जलाभिषेक के लिए देवघर पहुंच रहे हैं. श्रद्धालु बिहार के सुल्तानगंज स्थित उत्तरवाहिनी गंगा से पवित्र गंगाजल लेकर करीब 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी करने के बाद बाबा मंदिर में जल अर्पित करते हैं. श्रद्धा और आस्था से भरी इस यात्रा को लेकर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं ताकि जलार्पण की प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित हो सके.
बता दें, श्रावणी मेले के दौरान रविवार और सोमवार को श्रद्धालुओं की संख्या सबसे अधिक रहती है. खासकर रविवार की शाम से ही बाबा मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें लगने लगती हैं. इसी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने निर्णय लिया है कि इन दोनों दिनों में शीघ्रदर्शनम सुविधा उपलब्ध नहीं रहेगी. प्रशासन का मानना है कि यदि भीड़ वाले दिनों में यह व्यवस्था जारी रखी गई तो सामान्य कतार में खड़े श्रद्धालुओं को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. इसलिए प्राथमिकता सभी श्रद्धालुओं का व्यवस्थित और समयबद्ध जलार्पण कराने पर दी जा रही है ताकि किसी प्रकार का बैकलॉग या अव्यवस्था उत्पन्न न हो.
इस वर्ष पहली बार श्रावणी मेले में डेडिकेटेड शीघ्रदर्शनम कतार की व्यवस्था लागू की गई है. इस सुविधा के लिए 600 रुपये का कूपन निर्धारित किया गया है. मेला शुरू होने के पहले दो दिनों में कुल 7,709 श्रद्धालुओं ने इस सुविधा का लाभ उठाया. इनमें पहले दिन 3,987 और दूसरे दिन 3,722 भक्त शामिल रहे. शीघ्रदर्शनम सुविधा मंगलवार से शनिवार तक प्रतिदिन सुबह छह बजे से उपलब्ध रहेगी. श्रद्धालुओं का कहना है कि इस व्यवस्था से उनका काफी समय बच रहा है और उन्हें पहले की तुलना में अधिक सुगमता के साथ बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक करने का अवसर मिल रहा है.

