श्रावणी मेला 2026: बाबा धाम में नहीं होगी VIP पूजा, 10 हजार से ज्यादा जवान संभालेंगे सुरक्षा

श्रावणी मेला 2026: बाबा धाम में नहीं होगी VIP पूजा, 10 हजार से ज्यादा जवान संभालेंगे सुरक्षा

देवघर (DEOGHAR): विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम में 30 जुलाई से शुरू होने वाले राजकीय श्रावणी मेला-2026 की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं. इस बार श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुगम जलार्पण को प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन ने कई अहम फैसले लिए हैं. पूरे सावन महीने के दौरान VIP, VVIP और आउट ऑफ टर्न पूजा पर पूरी तरह रोक रहेगी. सभी श्रद्धालुओं को समान व्यवस्था के तहत अर्घा प्रणाली से जलार्पण कराया जाएगा. जिला प्रशासन का लक्ष्य 25 जुलाई तक मेले से जुड़ी सभी तैयारियां पूरी कर लेना है.

उपायुक्त सौरभ भुवानिया ने बताया कि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन युद्धस्तर पर काम कर रहा है. बिहार-झारखंड सीमा से लेकर बाबा मंदिर परिसर तक आवास, पेयजल, चिकित्सा, शौचालय, स्नान, सुरक्षा और यातायात जैसी सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है. डीसी और एसपी लगातार कांवरिया पथ व मेला क्षेत्र का निरीक्षण कर तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं.

श्रावणी मेले के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था के लिए विभिन्न स्थानों पर टेंट सिटी बनाई जा रही है. जसीडीह रेलवे स्टेशन, कोठिया और कांवरिया पथ पर बनाए जा रहे इन शिविरों में श्रद्धालुओं को निशुल्क ठहरने, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. 17 जुलाई से शुरू होने वाले बंगला सावन को देखते हुए भी प्रशासन ने अतिरिक्त सुरक्षा और मजिस्ट्रेट की तैनाती का निर्णय लिया है. मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल लगाया जाएगा, ताकि जलार्पण प्रक्रिया सुरक्षित और सुचारु बनी रहे.

श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शीघ्र दर्शन मार्ग के लिए नया फुट ओवरब्रिज तैयार किया गया है. विशेषज्ञों की तकनीकी जांच के बाद इसे जल्द ही श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा. इससे शीघ्र दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की आवाजाही पहले की तुलना में अधिक आसान होगी. श्रावणी मेले की सुरक्षा व्यवस्था इस बार पहले से अधिक मजबूत होगी. पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर ने बताया कि मेले में 10 हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे. इनके अलावा आईपीएस, डीएसपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करेंगे.

किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 22 क्विक रिस्पांस टीम (QRT), एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS), बम डिस्पोजल स्क्वॉड, डॉग स्क्वॉड और NDRF की टीम भी तैनात रहेगी. मंदिर के सभी प्रवेश द्वारों पर डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (DFMD) और हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर (HHMD) के जरिए हर श्रद्धालु की जांच की जाएगी. संदिग्ध व्यक्तियों और वस्तुओं पर विशेष निगरानी रखी जाएगी. इसके अलावा पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी के लिए 24×7 इंटीग्रेटेड पुलिस कंट्रोल रूम, अस्थायी पुलिस चौकियां, नियमित पेट्रोलिंग और 13 ट्रैफिक ऑब्जर्वेशन प्वाइंट सक्रिय रहेंगे. प्रशासन का कहना है कि इस बार श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित और यादगार श्रावणी मेले का अनुभव देने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं.

रिपोर्ट : ऋतुराज सिन्हा