झारखंड से बड़ी साजिश नाकाम, BRICS सम्मेलन में नेताओं को उड़ाने की थी तैयारी, देवघर से पकड़ा गया मास्टरमाइंड
गुजरात सचिवालय और BRICS सम्मेलन को बम से उड़ाने की धमकी के मामले में देवघर से एक युवक हिरासत में लिया गया है.
गुजरात सचिवालय और BRICS सम्मेलन को बम से उड़ाने की धमकी के मामले में देवघर से एक युवक हिरासत में लिया गया है.
देवघर (DEOGHAR): गुजरात सचिवालय और BRICS सम्मेलन को बम विस्फोट से उड़ाने की धमकी देने के मामले की जांच का तार झारखंड के देवघर से जुड़ता नजर आ रहा है. शनिवार को गुजरात पुलिस की एक टीम देवघर पहुंची और नगर थाना क्षेत्र से एक युवक को हिरासत में लिया. युवक से धमकी भरे ई-मेल और उससे जुड़े तकनीकी पहलुओं को लेकर पूछताछ की जा रही है. देवघर के एसपी प्रवीण पुष्कर ने युवक को हिरासत में लिए जाने की पुष्टि की है.
जानकारी के अनुसार, गुजरात के गांधीनगर स्थित सचिवालय और BRICS सम्मेलन को ई-मेल के जरिए बम विस्फोट की धमकी दी गई थी. मामला सामने आने के बाद गुजरात पुलिस ने इसकी जांच शुरू की. पुलिस ने धमकी वाले ई-मेल से जुड़े डिजिटल और तकनीकी सुरागों की पड़ताल की. इसी जांच के दौरान सामने आए इनपुट के आधार पर पुलिस की कार्रवाई देवघर तक पहुंची.
गुजरात पुलिस की टीम ने देवघर पुलिस के सहयोग से नगर थाना क्षेत्र में कार्रवाई की और संबंधित युवक को हिरासत में लिया. इसके बाद उससे धमकी वाले ई-मेल से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर पूछताछ शुरू की गई. हालांकि, पुलिस ने अभी युवक की पहचान या उसकी भूमिका को लेकर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है. एसपी प्रवीण पुष्कर के मुताबिक, गुजरात में ई-मेल के माध्यम से बम धमाके की धमकी दिए जाने के मामले में गुजरात पुलिस जांच के सिलसिले में देवघर पहुंची थी. इसी क्रम में एक युवक को हिरासत में लिया गया है.
ई-मेल के तकनीकी सुराग खंगाल रही पुलिस
मामले की जांच में अब धमकी वाले ई-मेल के स्रोत और उसके पीछे इस्तेमाल किए गए डिजिटल माध्यमों की पड़ताल की जा रही है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ई-मेल कहां से भेजा गया, इसके लिए किस डिजिटल माध्यम का इस्तेमाल हुआ और इसके पीछे कौन लोग शामिल हो सकते हैं. हिरासत में लिए गए युवक से ई-मेल के अलावा अन्य डिजिटल गतिविधियों को लेकर भी पूछताछ किए जाने की जानकारी है. तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस मामले की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश कर रही है.
गुजरात सचिवालय और BRICS सम्मेलन से जुड़ी धमकी के कारण पूरे मामले को बेहद संवेदनशील माना जा रहा है. इसी वजह से पुलिस की ओर से फिलहाल सीमित जानकारी ही साझा की गई है. युवक की पहचान और उसकी कथित भूमिका को भी सार्वजनिक नहीं किया गया है. देवघर पुलिस गुजरात पुलिस की जांच में सहयोग कर रही है. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि हिरासत में लिया गया युवक सीधे धमकी वाले ई-मेल से जुड़ा है या जांच के दौरान सामने आए किसी अन्य डिजिटल कनेक्शन के आधार पर उसे हिरासत में लिया गया है. अब पुलिस की जांच का मुख्य फोकस धमकी वाले ई-मेल के वास्तविक स्रोत और उससे जुड़े अन्य संभावित लोगों तक पहुंचने पर है. पूछताछ और तकनीकी जांच के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी.
रिपोर्ट : प्रशांत कुमार