जेल से छूटते ही बनाया गैंग और फिर शुरू की साइबर ठगी, देवघर पुलिस ने 5 को दबोचा
देवघर में साइबर ठगी करने वाले गैंग का पुलिस ने पर्दाफाश किया है. जेल से छूटने के बाद दोबारा ठगी में सक्रिय हुए सरगना विक्रम दास समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.
देवघर में साइबर ठगी करने वाले गैंग का पुलिस ने पर्दाफाश किया है. जेल से छूटने के बाद दोबारा ठगी में सक्रिय हुए सरगना विक्रम दास समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.
देवघर(DEOGHAR): जिले से साइबर अपराध को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. जेल से बाहर आते ही एक शातिर साइबर अपराधी ने दोबारा ठगी का नेटवर्क खड़ा कर लिया. कुछ महीने पहले जेल से रिहा हुआ विक्रम दास फिर से साइबर ठगी में सक्रिय हो गया और अपने साथियों के साथ मिलकर देशभर में लोगों को निशाना बनाने लगा.आरोप है कि विक्रम ने चार अन्य लोगों के साथ मिलकर साइबर ठगी का गैंग बनाया था. गैंग के सदस्य मोबाइल फोन के जरिए लोगों को पीएम किसान योजना का लाभ दिलाने, बिजली बिल अपडेट करने और आरटीओ चालान से जुड़ी जानकारी देने का झांसा देते थे. बातचीत के दौरान लोगों का भरोसा जीतने के बाद उन्हें डिजिटल ठगी का शिकार बनाया जाता था और उनके बैंक खातों से पैसे उड़ा लिए जाते थे.
मामले की जानकारी मिलते ही देवघर के पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर ने साइबर थाना प्रभारी के नेतृत्व में विशेष टीम को कार्रवाई का निर्देश दिया. इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और साइबर ठगी के इस नेटवर्क तक पहुंचने में सफलता हासिल की. पुलिस ने विक्रम दास समेत उसके चार साथियों को गिरफ्तार कर लिया है. फिलहाल आरोपियों से पूछताछ कर गैंग के नेटवर्क, अब तक की गई ठगी और इनके अन्य साथियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है.
पुलिस टीम ने सूचना के आधार पर सारठ थाना क्षेत्र के डकाय जंगल में छापेमारी की. यहां जंगल में बैठकर साइबर ठगी को अंजाम दे रहे छह लोगों के बारे में जानकारी मिली थी, जिसके बाद पुलिस ने सरगना विक्रम दास समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विक्रम दास, पथरड्डा ओपी क्षेत्र, कुंदन कुमार, मधुपुर, धनंजय महरा, सारठ, विकास कुमार दास, मारगोमुंडा और सुभाष कुमार दास, मधुपुर थाना क्षेत्र के निवासी के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार, आरोपी जंगल में बैठकर मोबाइल के जरिए देश के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले लोगों को निशाना बनाते थे. मीठी-मीठी बातों में फंसाकर उनसे बैंक और डिजिटल लेनदेन से जुड़ी जानकारी हासिल करने के बाद ठगी की जाती थी.
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से छह मोबाइल फोन और छह सिम कार्ड बरामद किए हैं. पुलिस का कहना है कि विक्रम दास पहले भी साइबर अपराध के मामले में जेल जा चुका है और कुछ महीने पहले ही जेल से बाहर आया था. बाहर निकलने के बाद उसने दोबारा साइबर अपराध शुरू कर दिया और अपने साथियों के साथ मिलकर नया गैंग तैयार कर लिया. गिरफ्तार आरोपियों से पुलिस ने गहन पूछताछ की है. पूछताछ के दौरान इनके नेटवर्क और अन्य संभावित साथियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गैंग ने अब तक कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया है और इनके खिलाफ पहले से कितने मामले दर्ज हैं. पूछताछ पूरी होने के बाद सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
रिपोर्ट- प्रशांत कुमार