देवघर (DEOGHAR): झारखंड पुलिस के हजारों अधिकारियों और जवानों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है. श्रावणी मेले 2026 में सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए तैनात किए जाने वाले पुलिसकर्मियों को अब यात्रा भत्ते (टीए) के लिए ड्यूटी पूरी होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा. झारखंड पुलिस मुख्यालय ने महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए श्रावणी मेले में प्रतिनियुक्त सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके देशीय यात्रा भत्ते (TA) का 80 प्रतिशत अग्रिम (एडवांस) भुगतान करने का आदेश जारी किया है. यह राशि संबंधित पुलिसकर्मियों को उनके निर्धारित ड्यूटी स्थल के लिए रवाना होने से पहले ही उपलब्ध करा दी जाएगी, ताकि उन्हें किसी तरह की आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े.
पुलिस मुख्यालय ने जारी किया अहम आदेश
बुधवार (29 जुलाई) को पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि श्रावणी मेले के दौरान राज्य के विभिन्न जिलों, पुलिस वाहिनियों और अन्य इकाइयों से बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की जाती है. ऐसे में जवानों और अधिकारियों को यात्रा, भोजन और अन्य जरूरी खर्चों के लिए पहले से धन उपलब्ध कराना आवश्यक है. इसी उद्देश्य से यात्रा भत्ते का 80 प्रतिशत हिस्सा अग्रिम भुगतान करने का निर्णय लिया गया है. मुख्यालय ने सभी संबंधित कार्यालयों और इकाइयों को निर्देश दिया है कि इस आदेश को उच्च प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाए, ताकि किसी भी पुलिसकर्मी को भुगतान में अनावश्यक देरी का सामना न करना पड़े.
जरूरत पड़ने पर मिलेगा अतिरिक्त बजट
पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि अग्रिम यात्रा भत्ते का भुगतान फिलहाल कार्यालयों को पहले से आवंटित देशीय यात्रा भत्ता मद से किया जाएगा. यदि किसी जिला, वाहिनी या कार्यालय के पास उपलब्ध राशि पर्याप्त नहीं होती है, तो वह तत्काल पुलिस मुख्यालय को अधियाचना भेजकर अतिरिक्त बजट की मांग कर सकता है. मुख्यालय ने ऐसे प्रस्तावों पर शीघ्र कार्रवाई करने का भी आश्वासन दिया है, ताकि भुगतान प्रक्रिया प्रभावित न हो.
ड्यूटी पर जाने से पहले मिलेगी आर्थिक राहत
हर वर्ष श्रावणी मेले के दौरान देवघर, दुमका और आसपास के क्षेत्रों में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है. इस विशाल आयोजन की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए झारखंड के विभिन्न जिलों से हजारों पुलिस अधिकारी और जवान तैनात किए जाते हैं. ऐसे में ड्यूटी पर रवाना होने से पहले यात्रा भत्ते का अधिकांश हिस्सा मिल जाने से पुलिसकर्मियों को यात्रा, भोजन, आवास और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए अपनी जेब से अतिरिक्त खर्च नहीं करना पड़ेगा. पुलिस विभाग का मानना है कि इस फैसले से न केवल जवानों की आर्थिक परेशानी कम होगी, बल्कि वे बिना किसी वित्तीय चिंता के अपनी जिम्मेदारियों का बेहतर तरीके से निर्वहन भी कर सकेंगे. श्रावणी मेले जैसे बड़े धार्मिक आयोजन में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

