चाईबासा में तेज हवाओं का अलर्ट, अगले तीन दिनों तक बिगड़ा रहेगा मौसम

पश्चिमी सिंहभूम समेत झारखंड के कई जिलों में 24–26 सितंबर तक भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट है।आई एम डी बी ने लोगों से आंधी-तूफान के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों से दूर रहकर सुरक्षित जगह पर रहने की अपील की है.

चाईबासा में तेज हवाओं का अलर्ट, अगले तीन दिनों तक बिगड़ा रहेगा मौसम

चाईबासा (CHAIBASA): पश्चिमी सिंहभूम जिले में मौसम को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है. भारत मौसम विज्ञान विभाग के चाईबासा पूर्वानुमान के मुताबिक 24 सितंबर को  बहुत भारी बारिश के साथ गरज-चमक और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है.

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD)  के अनुसार 25 सितंबर को भी गरज-चमक के साथ 40–50 किमी/घंटा की तेज हवाएं चल सकती हैं. वहीं, 26 सितंबर को आंधी-तूफान और बिजली चमकने के साथ 30–40 किमी/घंटा की हवाओं  का पूर्वानुमान है. मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए लोगों से खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे अनावश्यक रूप से जाने से बचने तथा आंधी के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहने की अपील की गई है.

रांची समेत राज्य के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है. आई एम डीबी के  झारखंड चेतावनी बुलेटिन के मुताबिक 24 सितंबर को राज्य में बहुत भारी बारिश के साथ गरज-चमक और आंधी की संभावना है .इसके बाद 25 सितंबर को भी भारी बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है 26 सितंबर से बारिश की तीव्रता में बदलाव हो सकता है, लेकिन गरज-चमक का खतरा बना रहेगा. 

 भारत मौसम विज्ञान विभाग ने रांची केंद्र के ताजा अवलोकन में 24 सितंबर की सुबह तापमान करीब 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.आपको बात दें  देर रात तेज़ हवा भी चल रही थी और आर्द्रता काफी अधिक रही. रांची के साथ रामगढ़, खूंटी,गुमला, लोहरदगा, बोकारो और आसपास के क्षेत्रों  में भी मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है. खासकर गरज-चमक के दौरान लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है.

भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार पश्चिम-मध्य और उस से सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना डीप डिप्रेशन मौसम की गतिविधियों को प्रभावित कर रहा है. भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 23 सितंबर को जारी अपने अपडेट में इसके उत्तर आंध्र प्रदेश-दक्षिण ओडिशा तट की ओर बढ़ने की जानकारी दी थी. अब देखना ये होगा कि आने वाले समये में मौसम का हाल किस तरफ करवट लेती है.